भिलाई। अमरीका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची जारी कर दी है, जिसमें रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी की तीन फैकल्टी को शामिल किया गया है। रूंगटा यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर रिसर्च एंड डेवलपमेंट व रजिस्ट्रार डॉ. एजाजुद्दीन, स्कूल ऑफ फार्मेसी की डायरेक्टर डॉ. मधुलिका प्रधान और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कृष्णा यादव का नाम दुनिया के श्रेष्ठ
वैज्ञानिकों की सूची में जोड़ा गया है।
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की इस सूची में 6200 वैज्ञानिक भारतीय हैं, जिसमें भिलाई के तीन प्रोफेसरों को जगह मिली है। रूंगटा यूनिवर्सिटी की इन फैकल्टी को यह मुकाम फार्मेसी की फील्ड में शानदार रिसर्च और मेडिसीन में नवाचार को देखकर दिया गया है। स्टैंडफोर्ड एल्सेवियर की यह सूची विश्व की सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में से एक है, जिसे शोध कार्य की उत्पादकता, शोधपत्र की गुणवत्ता, प्रभाव कारक और वैश्विक उदाहरण जैसे मानकीकृत संकेतकों के आधार पर तैयार किया जाता है। इस सूची में स्थान प्राप्त करना उत्कृष्ट शोध योगदान और वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक उत्कृष्टता की पहचान मानी जाती है। इस मान्यता के साथ रूंगटा यूनिवर्सिटी ने वैश्विक शैक्षणिक मानचित्र पर अपनी उपस्थिति और अधिक मजबूत कर ली है।

केंद्र से एक करोड़ का अनुदान
डॉ. एजाजुद्दीन को छत्तीसगढ़ सोसाइटी ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस ने बेस्ट साइंटिस्ट अवॉर्ड से नवाजा है। यही नहीं भारत सरकार के साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग ने एक करोड़ रुपए का अनुदान रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए दिया है। उन्हें प्रतिष्ठित पीडी सेठी बेस्ट पेपर अवॉर्ड भी मिल चुका है। अभी तक 150 से अधिक पेपर पब्लिश किए हैं। वहीं, अब तक 10 रिसर्च पेटेंट उनके नाम है। इसी तरह डॉ. मधुलिका को भी यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड, डेनमार्क की कोपेंगन यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल टे्रव्हल अवॉर्ड भी मिला है। इसी तरह डॉ. कृष्णा यादव को डेनमार्क यूनिवर्सिटी ने लियो फाउंडेशन से इंटरनेशनल ट्रेव्हल फेलोशिप अवॉर्ड दिया है। इसके अलावा एक ऑस्ट्रेलियन पेटेंट ग्रांट की गई है।
कैंसर ड्रग पर चल रही रिसर्च
डॉ. एजाजुद्दीन ने बताया कि वर्तमान में डीएसटी के अनुदान के साथ वें एंटी कैंसर ड्रग के हानिकारक प्रभावों को कम करने के लिए दवाई तैयार कर रहे हैं। ड्रग के विकल्प पर शोध किया जा रहा है, जिससे मरीज को कम तकलीफ में कैंसर के इलाज का बेहतर रास्ता मिलेगा। इसके साथ ही सोसायसिस के इलाज के लिए सस्ती दवाई भी तैयार हो रही है। इस ड्रग को देश के नामी वैज्ञानिकों ने भी सराहा है। इसी तरह रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने संसाधन देने का वादा किया है।
डॉ. मधुलिका और डॉ. कृष्णा बेस्ट कैंसर ट्रीटमेंट पर रिसर्च कर रहे हैं। इनकी रिसर्च में स्टेरॉइट के हानिकारक प्रभावों को कम करने काम जारी है। इसके लिए यह वैज्ञानिक विशेष नैनो पार्टिकल पर शोध कर रहे हैं। इसके साथ सोसायसिस और आर्थराइटिस ट्रीटमेंट पर भी रिसर्च चल रही है।
श्रेष्ठ संस्थानों से एमओयू
तीन फैकल्टी को सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों की सूची में जगह मिलने पर रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति संतोष रूंगटा ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि फार्मेसी की गुणवत्ता शिक्षा के लिए रूंगटा फार्मेसी दशक से विद्यार्थियों की पहली पंसद रहा है। फार्मेसी की पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न इंटरनेशनल संस्थानों से MOU किया जा रहा है, वहीं प्रायोगिक शिक्षा के लिए कीमती मशीनें भी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस उपलब्धि पर यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. जवाहर सूरी शेट्टी, प्रो-चांसलर डॉ. सौरभ रूंगटा, सीईओ सोनल रूंगटा, प्रो-वीसी डॉ. मनीष मनोरिया ने खुशी जाहिर की और तीनों फैकल्टी को शुभकामनाएं दी।
