स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, परिवार के सदस्यों के लिए गए सैंपल; इलाके में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू
दुर्ग, 23 अगस्त 2026। दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती 2 साल 11 माह की बच्ची में H1N1 वायरस की पुष्टि हुई है। बच्ची को तेज बुखार और फ्लू जैसे लक्षणों के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल उसका उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है और उसे संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए आइसोलेट किया गया है।
आरटी-पीसीआर जांच में हुई पुष्टि
दुर्ग के जिला नोडल अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे के अनुसार बच्ची की मां को पहले से सर्दी-खांसी की शिकायत थी। बच्ची को दो दिन पहले तेज बुखार और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने के बाद अस्पताल लाया गया था। लक्षणों को देखते हुए डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू की आशंका जताई और बच्ची की आरटी-पीसीआर जांच कराई। जांच रिपोर्ट में H1N1 वायरस की पुष्टि हुई।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निगरानी बढ़ा दी है। सीपीएम संजीव दुबे के नेतृत्व में टीम बच्ची के घर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में सर्वे शुरू किया। टीम घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी जुटा रही है। बच्ची के परिवार के अन्य सदस्यों के भी सैंपल लिए गए हैं, ताकि उनमें संक्रमण के लक्षण होने की स्थिति का पता लगाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग बच्ची के संपर्क में आए अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रहा है। इसका उद्देश्य संभावित संक्रमण का शुरुआती स्तर पर पता लगाकर उसे फैलने से रोकना है।
बच्ची आइसोलेट, परिवार की भी निगरानी
डॉ. बंजारे ने बताया कि बच्ची को आइसोलेट कर उपचार किया जा रहा है। संक्रमण की संभावित अवधि को ध्यान में रखते हुए परिवार के अन्य सदस्यों और संपर्क में आए लोगों की लगातार निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पैनिक की जरूरत नहीं
जिला नोडल अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे ने लोगों से घबराने की अपील नहीं की है। उन्होंने कहा कि स्थिति फिलहाल सामान्य है और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। उन्होंने लोगों से फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
पांच साल से कम उम्र के बच्चों में अधिक खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पांच साल से कम उम्र के बच्चे फ्लू से गंभीर बीमारी के अधिक जोखिम वाले समूह में आते हैं। H1N1 संक्रमण खांसने, छींकने और बात करने के दौरान निकलने वाली छोटी बूंदों या कणों के जरिए फैल सकता है। बंद और भीड़भाड़ वाली जगहों पर संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
स्वाइन फ्लू में अचानक तेज बुखार के साथ खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द, कमजोरी और नाक बहना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है।
खासकर छोटे बच्चों में लगातार बुखार, सांस लेने में दिक्कत या स्वास्थ्य की स्थिति बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई देने पर इसे सामान्य बुखार मानकर घर पर लंबे समय तक उपचार नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
