नयी दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि यात्री ई-टिकट खरीदते समय सभी करों सहित 45 पैसे का प्रीमियम देकर वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना का लाभ उठा सकते हैं. लोकसभा में रेल यात्रा बीमा से संबंधित प्रश्नों के लिखित उत्तर में वैष्णव ने कहा कि सभी यात्री ऑनलाइन या आरक्षण काउंटरों से टिकट बुक कर सकते हैं; हालांकि, वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना (ओटीआईएस) केवल उन कन्फर्म/आरएसी यात्रियों के लिए उपलब्ध है जिन्होंने अपनी टिकट ऑनलाइन बुक की है.

वैष्णव ने कहा, ”कोई भी यात्री, जो बीमा लाभ प्राप्त करना चाहता है, वह टिकट बुक करते समय अपने विवेक से इस योजना का विकल्प चुन सकता है. यह योजना ई-टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध है और यह उन लोगों को अतिरिक्त बीमा कवर प्रदान करती है जिन्होंने इसे चुना है और प्रीमियम का भुगतान किया है.” उन्होंने कहा, ”वर्तमान में, वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना के तहत बीमा प्राप्त करने के लिए सभी करों सहित प्रति यात्री प्रति यात्रा प्रीमियम 0.45 रुपये (पैंतालीस पैसे) है. यात्री टिकट बुक करते समय बीमा योजना का विकल्प चुनता है और किराए के साथ प्रीमियम का भुगतान करता है.” रेल मंत्री के अनुसार, यात्रियों को बीमा कंपनी से सीधे उनके पंजीकृत मोबाइल और ईमेल आईडी पर संदेश के माध्यम से पॉलिसी की जानकारी प्राप्त होती है, साथ ही नामांकन विवरण दर्ज करने के लिए लिंक भी मिलता है. इसके अलावा, बीमा कंपनी पॉलिसी जारी करने और दावों के निपटान के लिए सीधेतौर पर जिम्मेदार होती है.

उन्होंने यह भी बताया कि यात्री बीमा कंपनी से ईमेल के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार सीधे बीमा कंपनी के पास दावा दायर करते हैं, और दावा दायर करना यात्री और बीमा कंपनी के बीच एक सतत प्रक्रिया है. इन दावों के तहत प्रभावित यात्रियों/उनके रिश्तेदारों को बीमा कंपनियों द्वारा वितरित कुल राशि का विवरण देते हुए, वैष्णव ने कहा, ”पिछले पांच वर्षों के दौरान यात्रियों द्वारा दावा दायर करने के बाद बीमा कंपनियों द्वारा 333 दावों का निपटारा किया गया और बीमा कंपनियों द्वारा यात्रियों को 27.22 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है.” रेल मंत्री ने सदन को सूचित किया कि यात्री आईआरसीटीसी वेबसाइट या ऐप पर टिकट बुक करते समय केवल टिक बॉक्स पर क्लिक करके आसानी से योजना को स्वीकार कर सकते हैं.

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