दुबई. भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव एशिया कप से मिलने वाली पूरी मैच फीस भारतीय सशस्त्र बलों और पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को दान करेंगे . भारत ने रविवार को पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर एशिया कप जीता . सूर्यकुमार ने मैच के बाद एक्स पर लिखा ,” मैने इस टूर्नामेंट से अपनी पूरी मैच फीस हमारे सशस्त्र बलों और पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को दान करने का फैसला किया है . आप हमेशा मेरे ख्यालों में हैं . जय हिंद .”

भारतीय खिलाड़ियों को टी20 प्रारूप में हर मैच में चार लाख रूपये मिलते हैं यानी टूर्नामेंट के सात मैचों के लिये सूर्यकुमार को 28 लाख रूपये मिलेंगे . भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया . सूर्यकुमार ने 14 सितंबर को पहले ग्रुप मैच में पाकिस्तान पर मिली जीत को पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों और भारतीय सशस्त्र बलों को सर्मिपत किया था . पाकिस्तान ने उन पर राजनीतिक बयान देने का आरोप लगाकर आईसीसी से शिकायत दर्ज कराई थी और उन पर प्रतिबंध की भी मांग की थी.
आईसीसी ने उन पर उस दिन की मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना लगाकर आइंदा ऐसे बयानों से बचने के लिये कहा था . बीसीसीआई ने उन पर लगाये गए जुर्माने के खिलाफ अपील की है चूंकि सूर्यकुमार ने आईसीसी सुनवाई के दौरान कहा था कि वह निर्दोष हैं .

चैम्पियन को ट्रॉफी नहीं दिया जाना पहले कभी नहीं देखा, लेकिन मेरी असली ट्रॉफी मेरी टीम है : सूर्य
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि कोई टूर्नामेंट जीतने के बाद किसी चैम्पियन टीम को ट्रॉफी नहीं दिया जाना उन्होंने पहले कभी नहीं देखा लेकिन यह भी कहा कि उनकी असली ट्रॉफी उनके 14 ‘अनमोल’ साथी खिलाड़ी हैं . पाकिस्तान को दो सप्ताह के भीतर तीसरी बार हराने के साथ भारत ने एशिया कप जीता . सूर्यकुमार और उनकी टीम ने एशियाई क्रिकेट परिषद और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था . नकवी अपने भारत विरोधी रवैये के लिये जाने जाते हैं . भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी नहीं ली और नकवी मंच से उतरकर ट्रॉफी अपने साथ ले गए .

सूर्यकुमार ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,” जब से मैने क्रिकेट खेलना या देखना शुरू किया है, मैने ऐसा पहले कभी नहीं देखा कि विजयी टीम को ट्रॉफी नहीं दी गई हो . और वह भी इतनी मेहनत से जीती गई ट्रॉफी . ऐसा नहीं है कि हमने आसानी से जीत ली . हमने काफी मेहनत से यह टूर्नामेंट जीता था .” उन्होंने मुस्कुराहट के पीछे अपनी मायूसी छिपाते हुए कहा ,” हम चार सितंबर से यहाँ थे, आज हमने एक मैच खेला. दो दिनों में लगातार दो अच्छे मैच. मुझे लगता है कि हम इसके हकदार थे. और मैं इससे ज़्यादा कुछ नहीं कह सकता. मुझे लगता है कि मैंने अपनी बात बहुत अच्छी तरह कह दी है.” इसके बाद उन्होंने अपनी टीम को बहुत सुंदर संदेश दिया जिसमें अभिषेक शर्मा भी शामिल हैं जो उनके साथ बैठे थे .

सूर्यकुमार ने कहा ,” अगर आप मुझे ट्रॉफियों के बारे में बतायें तो मेरी ट्रॉफियां मेरे ड्रेसिंग रूम में हैं. मेरे साथ सभी 14 खिलाड़ी. पूरा सहयोगी स्टाफ. यही असली ट्रॉफियां हैं. ये असली पल हैं जिन्हें मैं प्यारी यादों के रूप में अपने साथ ले जा रहा हूँ जो आगे भी हमेशा मेरे साथ रहेंगी. और बस इतना ही.” सूर्यकुमार ने बाद में एक्स पर लिखा ,” मैच पूरा होने के बाद सिर्फ चैम्पियंस को याद रखा जाता है, ट्रॉफी की तस्वीर को नहीं .” उन्हें टी20 कप्तान नियुक्त हुए लगभग 14 महीने हो गए हैं और यह निश्चित रूप से उनके लिए सबसे बड़ा टूर्नामेंट था, हालाँकि उनका अपना बल्ला इस दौरान खामोश रहा. निराशा का भाव बना रहता है, लेकिन जब वे “भारत, एशिया कप, 2025 चैंपियन” देखते हैं, तो वह गायब हो जाता है .

सूर्यकुमार ने उस समय भी अपना संयम बनाए रखा जब एक पाकिस्तानी पत्रकार ने उन पर पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा से हाथ मिलाने से इनकार और फाइनल से पहले पारंपरिक फोटोशूट में शामिल नहीं होकर क्रिकेट के मैदान पर तुच्छ राजनीति करने का आरोप लगाया .

जब भारतीय मीडिया मैनेजर ने उस पत्रकार को रोकना चाहा तो सूर्यकुमार ने मुस्कुराते हुए कहा ,” आप नाराज हो रहे हैं, है ना . इतने नाराज क्यो हैं. आपने एक सवाल में चार सवाल पूछ लिये .” एक अन्य पाकिस्तानी पत्रकार ने पूछा कि क्या उन्हें पता है कि बीसीसीआई ने एसीसी को ईमेल भेजा कि टीम नकवी से ट्रॉफी नहीं लेगी .

सूर्यकुमार ने कहा ,” मुझे नहीं पता कि आप किस ईमेल की बात कर रहे हैं . मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है . हमने मैदान पर यह फैसला लिया और किसी ने हमसे ऐसा करने के लिये नहीं कहा था.” उन्होंने कहा ,” और हम इंतजार कर रहे हैं . आप टूर्नामेंट जीतते हैं तो ट्रॉफी के हकदार तो हैं . आप ही बताइये .” इस पर पाकिस्तानी पत्रकार ने हामी में सिर हिलाया . भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया . भारत ने टूर्नामेंट में पाकिस्तान से तीन मैच खेले और तीनों जीते .

एआई के माध्यम से सूर्य और तिलक द्वारा एशिया कप थामने की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है और जब कप्तान से पूछा गया कि ट्रॉफी के बिना जश्न कैसा रहा, तो उन्होंने तुरंत जवाब दिया. उन्होंने कहा ,” आपने ट्रॉफी नहीं देखी . मैं इसे लाया . टीम पोडियम पर बैठी थी . अभिषेक और शुभमन ने ट्रॉफी के साथ फोटो भी पोस्ट की है जो बहुत अच्छी लग रही है .” एक पत्रकार ने उनसे उस घटनाक्रम के बारे में पूछा जब टीम ने पाकिस्तान के गृहमंत्री से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया .

सूर्यकुमार ने कहा ,” रिंकू सिंह ने चौका लगाया . भारत ने एशिया कप जीता . इसके बाद हम बाहर आये और जश्न मना रहे थे . हर खिलाड़ी की उपलब्धि की तारीफ कर रहे थे . तिलक , कुलदीप और भाई (अभिषेक) को कार मिली . हमने उसका भी जश्न मनाया . और आपको क्या चाहिये . यही घटनाक्रम था जो हम हासिल करना चाहते थे .” उन्होंने कहा ,” हमने चैम्पियंस का बोर्ड आते और जाते देखा . यह होता रहता है . यह जिंदगी का हिस्सा है .”

कठोर नहीं होना चाहता लेकिन सूर्यकुमार ने क्रिकेट का अपमान किया : सलमान आगा
पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा का मानना है कि एशिया कप में पाकिस्तान से खेलते हुए हाथ नहीं मिलाने की भारतीय टीम की नीति खेल के प्रति अपमानजनक थी और क्रिकेटरों को रोलमॉडल मानने वाले युवा प्रशंसकों के सामने खेलभावना की अच्छी मिसाल पेश नहीं करती .

पाकिस्तानी कप्तान ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,” भारत ने टूर्नामेंट में जो किया, वह काफी निराशाजनक है . हाथ नहीं मिलाकर उन्होंने हमारा नहीं, क्रिकेट का अपमान किया है . अच्छी टीमें ऐसा नहीं करती जो उन्होंने किया .” सलमान ने कहा ,” हम खुद से ट्रॉफी के साथ फोटो शूट के लिये गए क्योंकि हम अपनी जिम्मेदारी पूरी करना चाहते थे . हम वहां खड़े रहे और अपने पदक लिये . मैं कठोर शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहता लेकिन उनका बर्ताव काफी अपमानजनक था .” उन्होंने यह भी दावा किया कि सूर्यकुमार का सार्वजनिक तौर पर और निजी तौर पर बर्ताव अलग था.

उन्होंने कहा ,” टूर्नामेंट शुरू होने से पहले और टूर्नामेंट से पहले प्रेस कांफ्रेंस में निजी तौर पर उसने मुझसे हाथ मिलाया . इसके बाद रैफरी की सुनवाई के दौरान भी . लेकिन दुनिया और कैमरों के सामने वे हाथ नहीं मिलाते .” सलमान ने कहा ,” मुझे यकीन है कि उन्हें जो निर्देश मिले हैं, वे उसी का पालन कर रहे होंगे . लेकिन उसे तय करना होता तो वह मुझसे हाथ मिलाता .” ट्रॉफी साथ ले जाने से पहले पुरस्कार वितरण मंच पर खड़े होने के एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के फैसले का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को ट्रॉफी इसलिये नहीं दी गई क्योंकि वे पीसीबी प्रमुख से लेना नहीं चाहते थे .



Share.
Leave A Reply

Exit mobile version