ग्लोबल खेल मंच पर भारत ने फिर साबित कर दिया है कि नए भारत के खिलाड़ी अब किसी के सामने झुकने वाले नहीं हैं। एशियाई खेल 2026 के 11वें दिन भारतीय एथलीटों ने वो पराक्रम दिखाया है जिसने मेजबान चीन समेत तमाम प्रतिद्वंद्वियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। हैदराबाद की 21 वर्षीया निशानेबाज ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में जबरदस्त निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में रजत पदक डाला है।
भारत ने एशियन गेम्स में अब तक 37 से अधिक पदक जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। ईशा सिंह के अलावा कुराश में पिंकी बल्हारा और मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन ने देश को पदक पक्के कराकर तिरंगे की शान को आसमान पर पहुंचा दिया है। भारत अब खेलों के हर क्षेत्र में पश्चिमी देशों और चीन के दबदबे को सीधी चुनौती दे रहा है। भारत सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर नीतियों और खेल प्रोत्साहन का ही नतीजा है कि भारतीय नौजवान विश्व स्तरीय एथलीटों को उनके घर में घुसकर पटखनी दे रहे हैं।
भारत की यह कामयाबी सिर्फ मेडलों की गिनती नहीं है, बल्कि दुनिया को यह स्पष्ट संदेश है कि भारतीय युवा अब हर क्षेत्र में सिर उठाकर विश्व विजेता बनने के इरादे से उतरते हैं। जो देश कल तक खेल जगत में भारत को नजरअंदाज करते थे, वे आज भारतीय झंडे के सामने नतमस्तक हैं।
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