पुणे. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि एथनॉल के इस्तेमाल से चीनी उद्योग बचा हुआ है. उन्होंने साथ ही खेती में नई प्रौद्योगिकी की जरूरत पर जोर दिया. गडकरी ने पुणे में नाम फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में कहा कि महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा में खेती के लिए पानी की कमी के कारण किसान आत्महत्या को मजबूर होते हैं.

वरिष्ठ भाजपा नेता ने आत्महत्या करने वाले किसानों के बच्चों की भलाई और जल संरक्षण के लिए नाम फाउंडेशन के कार्यों की सराहना की, जिसका नेतृत्व अभिनेता नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे करते हैं. गडकरी ने कहा, ”विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में किसानों की आत्महत्याओं का मुख्य कारण पानी है. अगर पानी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता, तो किसानों को यह कदम नहीं उठाना पड़ता.” उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी लाने की जरूरत है और इस संबंध में प्रयोग पहले ही किए जा चुके हैं.

मंत्री ने कहा, ”आज, गन्ना किसान और चीनी मिल संचालक सिर्फ एथनॉल की वजह से ही जीवित हैं.” उन्होंने आगे कहा कि भारत में चीनी उत्पादन मांग से अधिक है और चीनी मिलें सिर्फ एथनॉल की वजह से ही टिकी हुई हैं. इस महीने की शुरुआत में, कांग्रेस पार्टी ने गडकरी पर हितों के टकराव का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि वह एथनॉल उत्पादन की जोरदार पैरवी कर रहे हैं, जबकि उनके दो पुत्र एथनॉल बनाने वाली कंपनियों से जुड़े हैं और सरकारी नीतियों से लाभ उठा रहे हैं. भाजपा ने कांग्रेस के इन आरोपों को निराधार बताया था.

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