बालोद

बालोद जिले के गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के किसान इन दिनों एक विकट आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ग्राम परसाडीह में लगभग एक हजार एकड़ में बोई गई धान की फसल में से करीब 500 एकड़ फसल माहू नामक बीमारी के प्रकोप से पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। छोटे-बड़े सभी किसान इस अनपेक्षित आपदा से हताश हैं और अपनी तबाह हुई फसलों को देखकर फूट-फूट कर रो रहे हैं।

किसानों की आंखों से आंसू
ग्राम परसाडीह के किसान गोपाल साहू ने अपनी कर्ज और बर्बाद हुई फसल की व्यथा सुनाते हुए कहा कि वह छोटे किसान हैं और कर्ज लेकर खेती करते हैं। इस बार माहू बीमारी ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी कमाई का एकमात्र जरिया ही तबाह हो गया है। अपनी बर्बाद फसल के कारण वे सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

एक अन्य किसान, सामंत साहू, जिन्होंने 25 एकड़ में खेती की थी, बताया कि उनकी केवल 10 एकड़ फसल ही सुरक्षित बची है, जबकि 15 एकड़ पूरी तरह से नष्ट हो गई है। उन्होंने अपनी फसलों पर लगभग ₹1,00,000 की दवाइयों का छिड़काव भी किया, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ।

माहू के प्रकोप से खेत अब पूरी तरह बंजर हो गए हैं और किसानों की उम्मीदें टूट चुकी हैं। इस विपदा से प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन के पास मुआवजे की मांग को लेकर आवेदन जमा किए हैं। किसानों की सरकार से काफी उम्मीदें हैं।



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