दीर अल-बलाह. गाजा पट्टी में इजराइली हमले में बृहस्पतिवार को कम से कम 17 लोगों की जान चली गई. स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी. दीर अल-बलाह स्थित अल-अक्सा शहीद अस्पताल के मुताबिक, मध्य शहर ज.वैदा में हुए एक इज.राइली हमले में 12 लोग मारे गए. इस हमले में एक तंबू और एक घर को नुकसान पहुंचा. अस्पताल ने बताया कि पीड़ितों में आठ बच्चे भी शामिल हैं. परिवार के सदस्यों ने बताया कि एक और लड़की अब भी मलबे में दबी हुई है.
अस्पताल ने कहा कि दीर अल-बलाह में एक तंबू पर हुए हवाई हमले में एक और लड़की मारी गई तथा सात लोग घायल हो गए.
वहीं, खान यूनिस शहर पर भी इजराइल ने हमला किया है. नासेर अस्पताल के मुताबिक, इस हमले में एक इमारत को निशाना बनाया गया जिसमें चार लोगों की मौत हो गई. इस बीच संघर्ष विराम को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है.
अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि उनके देश ने इस विश्वास के साथ फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता दी है कि यह “हमास को अलग-थलग करने का एकमात्र तरीका है”, जो अपने कई नेताओं के मारे जाने के बाद भी खुद को पुनर्जीवित करने में कामयाब रहा है.
उन्होंने बुधवार को कहा, “गाज.ा में चल रहे पूर्ण युद्ध से नागरिक हताहत हो रहे हैं, लेकिन इससे हमास का अंत नहीं हो सकता. वास्तव में, यह एक विफलता है.” मैक्रों ने कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इजराइल पर फिर से युद्ध विराम की खातिर दबाव डालने के लिए समझा रहे हैं, और उनसे कह रहे हैं कि “आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है – आप शांति के समर्थक हैं, आप विश्व में शांति लाना चाहते हैं.” इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने वाले नेताओं की निंदा की.
नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को इस विचार की कड़ी आलोचना की और उसके बाद स्वयं न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो गए, जहां उन्हें शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करना है. उन्होंने पत्रकारों से कहा, “संयुक्त राष्ट्र महासभा में मैं सच बोलूंगा. मैं उन नेताओं की निंदा करूंगा जो हत्यारों, बलात्कारियों, बच्चों को जलाने वालों की निंदा करने के बजाय, उन्हें इज.राइल की धरती के बीचों-बीच एक राष्ट्र देना चाहते हैं. ऐसा नहीं होगा.”
