जम्मू. लद्दाख के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बृहस्पतिवार को कांग्रेस के बचाव में सामने आए तथा दावा किया कि अपनी विफलताओं के लिए दूसरों को दोष देना भाजपा की आदत है और लेह में हुई हिंसा का मामला भी इससे अलग नहीं है.

बुधवार को लद्दाख में भड़की हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और 80 से अधिक अन्य घायल हो गए. लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के विस्तार के आंदोलन का समर्थन करने वाले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने लेह में भाजपा कार्यालय और कई वाहनों को आग लगा दी. रियासी जिले के बा­ढ़ प्रभावित गांवों के दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अब्दुल्ला ने कहा कि उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले लद्दाख प्रशासन को सबसे पहले यह देखना चाहिए कि वह शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने में क्यों विफल रहा.

बुधवार को लेह में हुई हिंसा के लिए भाजपा द्वारा कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराए जाने के बारे में पूछे जाने पर, अब्दुल्ला ने कहा, ”लद्दाख में सरकार उनकी (भाजपा) है. जब वे असफल होते हैं, तो किसी और को दोष देते हैं.” मुख्यमंत्री ने कहा, ”अगर कांग्रेस इतनी शक्तिशाली होती कि लद्दाख में दंगे करवा सकती, तो पार्टी (अक्टूबर 2020 में) परिषद का चुनाव क्यों नहीं जीत सकी? लद्दाख में पिछला परिषद चुनाव किसने जीता था? भाजपा ने, जबकि कांग्रेस बुरी तरह हारी थी. जब चीजें गलत होती हैं, तो भाजपा के लोग हमेशा बहाने बनाते हैं. दूसरों पर दोष म­ढ़ना भाजपा की आदत है.” इसी से जुड़े एक सवाल के जवाब में अब्दुल्ला ने कहा कि लेह में हिंसा प्रशासन की विफलता का नतीजा है.

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