राष्ट्रवाणी: शहरों और कस्बों में बंदरों का घरों की छतों पर पहुंचना आम समस्या बनता जा रहा है. कई बार ये बंदर छत पर रखे गमलों को गिरा देते हैं, कपड़े फाड़ देते हैं और पानी की टंकियों के ढक्कन तक खोल देते हैं. इतना ही नहीं, खाने-पीने की चीजें दिखाई देने पर ये घरों के अंदर तक पहुंचने की कोशिश करते हैं. ऐसे में लोगों को हर समय सामान और परिवार की सुरक्षा की चिंता बनी रहती है. कई लोग बंदरों को भगाने के लिए महंगे उपकरण खरीदते हैं, जबकि कुछ आसान उपायों से भी इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है. हालांकि बंदरों को भगाने के लिए अपनाया जाने वाला तरीका ऐसा होना चाहिए, जिससे उन्हें चोट न पहुंचे और न ही आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो. बंदर वन्यजीव हैं, इसलिए उन्हें मारना, जहरीले पदार्थ डालना या बिजली के तारों से रोकने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कुछ ऐसे सस्ते और आसान उपाय के बारे में, जिनकी मदद से बंदरों की छत पर आवाजाही कम की जा सकती है. बंदर अक्सर उन जगहों पर बार-बार आते हैं, जहां उन्हें आसानी से खाना मिल जाता है. अगर आपकी छत पर फल, सब्जियां, रोटी या खाने का दूसरा सामान खुला रखा रहता है, तो बंदरों के आने की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए छत पर खाने-पीने की चीजें रखने से बचें. वहीं कूड़ेदान को भी हमेशा ढक्कन लगाकर रखें. खाने के बचे हुए हिस्से खुले में न फेंकें और पालतू जानवरों का खाना भी छत या बालकनी में खुला न छोड़ें. अगर बंदर छत पर रखी पानी की टंकी, स्टोर रूम या किसी खास हिस्से में ज्यादा आते हैं, तो वहां मजबूत धातु की जाली लगवाना बेहतर होता है. पानी की टंकी का ढक्कन अच्छी तरह बंद होना चाहिए, ताकि बंदर उसे खोल न सकें और पानी भी गंदा न हो. वहीं बालकनी, रोशनदान और खुले हिस्सों पर भी मजबूत जाली लगाना बेहतर होता है. ध्यान रखें कि जाली ऐसी हो, जिसमें बंदर फंसें नहीं और उन्हें चोट लगने का खतरा भी न हो. अगर घर के आसपास पेड़ों की डालियां सीधे छत तक पहुंच रही हैं, तो बंदर उनके सहारे आसानी से घर की छत पर आ सकते हैं. ऐसी स्थिति में पेड़ों की छंटाई के लिए संबंधित स्थानीय निकाय या वन विभाग की मदद लें. पेड़ की छंटाई सुरक्षित तरीके से और जरूरी अनुमति के साथ ही कराएं. इससे न केवल आपको बल्कि आपके पड़ोसियों को बंदरों से राहत मिलेगी. बंदरों के झुंड को देखकर उन्हें डंडे, पत्थर या पटाखों से भगाने की कोशिश न करें. ऐसा करने पर वे आक्रामक हो सकते हैं और आपको काट या खरोंच सकते हैं. बंदरों के सामने खाना लेकर न जाएं और उनके बच्चों के पास जाने से भी बचें. अगर बंदरों का झुंड लगातार छत पर आ रहा है या लोगों पर हमला कर रहा है, तो स्थानीय वन विभाग या संबंधित प्रशासन को सूचना दें. निर्जला गौड़ इस वक्त ABP Live की लाइफस्टाइल डेस्क पर इंटर्न के तौर पर काम कर रही हैं. वह मंदसौर यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में अपनी डिग्री कर रही हैं. इससे पहले वह EBNW Stories में कंटेंट राइटर के तौर पर इंटर्नशिप कर चुकी हैं. डिजिटल जर्नलिज्म और कंटेंट क्रिएशन में उनकी खास रुचि है. आसान, आकर्षक और रिलेटेबल अंदाज में कहानियों को पेश करना और पाठकों तक जानकारी को प्रभावी तरीके से पहुंचाना उनकी खासियत है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
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