गरियाबंद. छत्तीसग­ढ़ के गरियाबंद जिले में सोमवार को दो महिला नक्सली समेत तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि माओवादियों की खोखली विचारधारा से निराश होकर नागेश उर्फ रामा कवासी व महिला नक्सली जेनी उर्फ देवे मड़कम और मनीला उर्फ सुंदरी कवासी ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.

उन्होंने बताया कि नागेश डिविजनल कमेटी (डीवीसी) सदस्य डमरू का सुरक्षा गार्ड था जबकि जेनी उड़ीसा राज्य कमेटी के सदस्य प्रमोद उर्फ पांडु की सुरक्षा गार्ड थी. वहीं मनीला प्रतिबंधित माओवादी संगठन की सिनापाली एरिया कमेटी की पार्टी सदस्य थी. अधिकारी ने बताया कि तीनों नक्सलियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था.

उन्होंने बताया कि तीनों नक्सलियों के खिलाफ इलाके में माओवादी हिंसा की कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप था और वे इस वर्ष 11 सितंबर को जिले के मेटाल गांव के करीब हुई मुठभेड़ की घटना में भी शामिल थे. अधिकारी ने बताया कि इस मुठभेड़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) मोड़ेम बालकृष्ण उर्फ भास्कर समेत 10 नक्सली मारे गए थे. उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान की गई और सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा.

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