गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में रविवार को नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी के मुताबिक, मुठभेड़ की यह घटना चार इनामी नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद हुई. उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से एक से मिली सूचना के आधार पर, सुरक्षा बलों ने सुबह नक्सल-विरोधी अभियान के दौरान गोबरा रोड पर पहाड़ी क्षेत्र में माओवादियों के ठिकाने से विस्फोटक सामग्री बरामद की.

अधिकारी के अनुसार, अभियान के तहत चार बीजीएल राउंड, एक हथगोला, 15 इंसास राउंड और एक मैगजीन, 15 जिलेटिन रॉड, 50 डेटोनेटर, एक एसएलआर राइफल मैगजीन और 16.50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि को नक्सल-विरोधी अभियान शुरू किया था. उन्होंने बताया कि गोलीबारी के बाद नक्सली जंगल में भाग गए.

अधिकारी के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले चार नक्सलियों में दीपक उर्फ भीमा मंडावी माओवादी संगठन का डिविजनल एरिया कमेटी मेंबर (डीवीसीएम) था, जबकि कैलाश उर्फ भीमा भोगम और रनिता उर्फ पायकी माओवादी संगठन के एरिया कमेटी मेंबर (एसीएम) के तौर पर काम करते थे. एक अन्य नक्सली की पहचान सुजीता उर्फ करम के रूप में हुई है. अधिकारी ने बताया कि मंडावी पर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था, जबकि भोगम और पायकी पर पांच-पांच लाख रुपये और करम पर एक लाख रुपये का इनाम था.

नक्सलियों के आत्मसमर्पण के दौरान एक एसएलआर राइफल और एक बंदूक जमा कर दी गई. अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने कहा कि वे पुलिस के पुनर्वास अभियान और राज्य सरकार की नयी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित हैं. उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सहायता प्रदान की गई और राज्य सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा.

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version