राष्ट्रवाणी (रायपुर ब्यूरो): Chhattisgarh UCC Draft: गर्लफ्रेंड के साथ लिव इन में रहना है? तो करवाना होगा रजिस्ट्रेशन, जानिए अलग होने का नियम /image: Social Media Chhattisgarh UCC Draft: अगर आप छत्तीसगढ़ से है और अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लिव इन में रहते है तो इस खबर को पढ़ने के बाद आपको बड़ा झटका लगने वाला है।
दरअसल, अब लिव इन में रहने वाले युवक-युवतियों को रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा। ऐसा हम नहीं कहा रहे है, बल्कि समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रस्तावित ड्राफ्ट में लिव इन रिलेशनशिप (Live In Relationship) को लेकर कई बदलाव करने की तयारी है। अब लिव इन में रहने वाले युवक-युवतियों को रिश्ते की जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करानी पड़ सकती है।
इतना ही नहीं, अगर दोनों में से कोई एक या दोनों रिश्ता खत्म करना चाहते हैं, तो इसकी भी जानकारी दर्ज करानी होगी। यूसीसी के प्रस्तावित ड्राफ्ट में लिव-इन (Live In Relationship) में रह रही महिला को गुजारा भत्ता और उससे जन्म लेने वाले बच्चों को वैध संतान का दर्जा देने की तैयारी है। ऐसे बच्चों को पिता की पैतृक संपत्ति में भी समान अधिकार देने का प्रस्ताव है।
यूसीसी को लेकर समिति को आम लोगों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, राजनीतिक दलों और अलग-अलग समुदायों से हजार से ज्यादा सुझाव और आपत्तियां मिली हैं। लोगों ने विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता, संपत्ति में अधिकार और गोद लेने जैसे मुद्दों पर अपनी राय दी है। आपको बता दें कि ऑनलाइन सुझाव और आपत्तियां भेजने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर थी।
अब समिति सभी सुझावों और कानूनों का अध्ययन कर अंतिम ड्राफ्ट तैयार करेगी। सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति ने रायपुर, दुर्ग, अंबिकापुर, सूरजपुर और बस्तर संभाग के तीन जिलों में लोगों की राय जानी है।
पांच सदस्यीय समिति राज्य सरकार को 30 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट सौपेगी। इसके बाद दिसंबर में विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यूसीसी का ड्राफ्ट पेश किया जा सकता है। प्रस्ताव में विवाह का पंजीयन अनिवार्य करने और तलाक के लिए सभी धर्मों में एक समान कानून लागू करने की बात भी शामिल है।
तलाक की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग धर्मों के लोगों ने सुझाव दिए हैं। यूसीसी को लेकर बस्तर और सरगुजा संभाग में आदिवासी समाज ने अपनी चिंता जताई है। समाज के लोगों का कहना है कि एक समान कानून लागू होने से उनकी पुरानी परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक पहचान पर असर पड़ सकता है।
ऐसे में समिति के सामने चुनौती है कि कानून तैयार करते समय आदिवासी समाज की परंपराओं और उनकी सांस्कृतिक पहचान का ध्यान रखा जाए। फिलहाल ये सभी प्रावधान प्रस्तावित हैं। समिति इन पहलुओं का कानूनी और सामाजिक अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
(Chhattisgarh UCC Draft, Chhattisgarh UCC News, Live In Relationship Registration, Uniform Civil Code, UCC Live In Rules, Chhattisgarh Live In Law) उत्तर: नहीं। फिलहाल छत्तीसगढ़ में UCC लागू नहीं हुआ है। समिति प्रस्तावित कानून का प्रारूप तैयार कर रही है।
सवाल आपका है… 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है. Web Title: Chhattisgarh UCC Draft Live In Relationship Registration Rules छत्तीसगढ़ में कटोरा लेकर भीख मांगने निकले सरपंच!
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