दीर अल बलाह/यरुशलम. गाजा में स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि इजराइल ने 45 फलस्तीनियों के शव सौंप दिए, इससे एक दिन पहले हमास ने तीन बंधकों के शव लौटाए थे. इजराइली अधिकारियों ने तीनों की पहचान उन सैनिकों के रूप में की है जो सात अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व वाले हमले में मारे गए थे, जिसके कारण युद्ध शुरू हुआ था.

यह आदान-प्रदान दो साल से चल रहे युद्ध में अमेरिकी मध्यस्थता से हुए अस्थिर युद्ध विराम की दिशा में एक और कदम है – यह इजराइल और उग्रवादी समूह हमास के बीच लड़ा गया अब तक का सबसे घातक और विनाशकारी युद्ध है. युद्ध विराम के 10 अक्टूबर को लागू होने के बाद से फलस्तीनी उग्रवादियों ने 20 बंधकों के शव भेजे हैं, आठ (शव) अब भी गाजा में हैं.

प्रत्येक बंधक की वापसी के बदले, इजराइल 15 फलस्तीनियों के शव लौटा रहा है. सोमवार की वापसी के साथ, युद्धविराम शुरू होने के बाद से वापस सौंपे गए फलस्तीनियों के शवों की संख्या 270 हो गई है. गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता जहीर अल-वाहिदी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि गाजा के नासेर अस्पताल में सोमवार सुबह फलस्तीनियों के 45 शव लाए गए.

मंत्रालय ने बताया कि अब तक वापस लाए गए सभी शवों में से केवल 75 की ही पहचान हो पाई है. मंत्रालय ने आगे कहा कि गाजा में डीएनए परीक्षण किट की कमी के कारण फोरेंसिक कार्य जटिल हो गया है. मंत्रालय ने शवों की तस्वीरें इस उम्मीद में ऑनलाइन पोस्ट की हैं कि परिवार के लोग उन्हें पहचान लेंगे. इस बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने रविवार रात इजराइल को लौटाए गए तीन बंधकों की पहचान कैप्टन ओमर न्यूट्रा (अमेरिकी-इजरायली), स्टाफ सार्जेंट ओज डैनियल और कर्नल असफ हमामी के रूप में की है.

हमास ने जो तीन बंधकों के अवशेष सौंपे हैं वह अक्टूबर 2023 के हमले में मारे गए सैनिकों के हैं: इजराइल

इजराइल ने सोमवार को कहा कि पिछली रात गाजा से सौंपे गए तीन बंधकों के अवशेष उन सैनिकों के हैं जो सात अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व वाले हमले में मारे गए थे, जिससे युद्ध छिड़ गया था. इजराइल की सेना ने कहा कि दक्षिणी इजराइल पर हुए हमले में ये लोग मारे गए और उनके शवों को आतंकवादी घसीटकर गाजा ले गए.

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने तीनों की पहचान कैप्टन ओमर न्यूत्रा (अमेरिकी-इजराइली), स्टाफ सार्जेंट ओज डैनियल और कर्नल असफ हमामी के रूप में की है. हमास द्वारा पहले जारी एक बयान में कहा गया था कि उनके अवशेष रविवार को दक्षिणी गाजा में एक सुरंग में मिले थे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को बताया कि उन्होंने न्यूत्रा के परिवार से बात की और उनसे संवेदना जतायी.

आतंकवादियों ने हर कुछ दिनों में एक या दो अवशेष सौंपे हैं. इजराइल ने इस तेजी से आगे ब­ढ़ने का आग्रह किया है. उसने कहा है कि कुछ मामलों में अवशेष किसी बंधक के नहीं थे. हमास ने कहा है कि व्यापक तबाही के कारण यह कार्य और जटिल हो गया है. बदले में, इजराइल प्रत्येक इजराइली बंधक की वापसी के बदले 15 फलस्तीनियों के अवशेष सौंप रहा है. गाजा में स्वास्थ्य अधिकारियों को डीएनए किट उपलब्ध नहीं होने के कारण शवों की पहचान करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध विराम शुरू होने के बाद से वापस लाए गए 225 फिलिस्तीनी शवों में से केवल 75 की ही पहचान हो पाई है. अमेरिकी मूल के इजराइली न्यूत्रा की मृत्यु के समय उनकी आयु 21 वर्ष थी. सात अक्टूबर, 2023 को हुए हमले में, उन्हें उनके बाकी टैंक क्रू के साथ अगवा कर लिया गया था. दिसंबर 2024 में, सेना ने घोषणा की कि न्यूत्रा उस हमले में मारे गए थे जिससे युद्ध शुरू हुआ था.

अमेरिका और इजराइल में होने वाले विरोध प्रदर्शनों में न्यूत्रा के माता-पिता नियमित रूप से मौजूद रहते थे और पिछले साल रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन को संबोधित किया था. आतंकवादी 19 वर्षीय डैनियल का शव उसके टैंक से तीन अन्य लोगों के साथ ले गए थे. उसके परिवार में उसके माता-पिता और जुड़वां बहन हैं. हमामी गाजा डिवीजन में इजराइल की दक्षिणी ब्रिगेड की कमान संभाल रहे थे और 7 अक्टूबर, 2023 की सुबह किबुत्ज़ निरिम की रक्षा के लिए लड़ते हुए शहीद हो गए.

इज़राइली मीडिया के अनुसार, हमामी सेना में पहले व्यक्ति थे जिन्होंने हमले शुरू होने के 10 मिनट से भी कम समय बाद यह घोषणा कर दी थी कि इजराइल युद्ध में है. हमामी और उनके दो सैनिक मारे गए और उनके शव गाजा ले जाए गए. अन्य दो सैनिकों के अवशेष जुलाई 2024 में हासिल किए गए. हमामी के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे हैं.

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