राष्ट्रवाणी: Food Safety Danger Zone Temperature Rules: खाना बच जाए तो उसे बाद के लिए फ्रिज में रखना रोजमर्रा की किचन रूटीन का हिस्सा है. लेकिन यहां एक सवाल अक्सर उलझन में डाल देता है- गर्म खाने को तुरंत ढंककर फ्रिज में रखें या पहले कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें?
बहुत से लोग मानते हैं कि गर्म खाना सीधे फ्रिज में रखने से खाना खराब हो सकता है या फ्रिज को नुकसान पहुंच सकता है. इसी वजह से वे खाने को काफी देर तक बाहर रख देते हैं. लेकिन यही तरीका कई बार सेहत के लिए जोखिम बढ़ा सकता है. गर्म खाना ज्यादा देर बाहर रखना क्यों ठीक नहीं? कमरे के तापमान पर रखे खाने को ठंडा होने में समय लगता है. इस दौरान खाना ऐसे तापमान के दायरे में रह सकता है जहां हानिकारक बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक 40 से 140 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 4 से 60 डिग्री सेल्सियस के बीच का तापमान बैक्टीरिया के लिए अनुकूल माना जाता है. फिर गर्म खाना सीधे फ्रिज में क्यों न रखें?
इसका मतलब यह भी नहीं है कि बड़े बर्तन में रखा बिल्कुल गर्म खाना सीधे फ्रिज में रख दिया जाए. अगर बहुत गर्म खाना एक बड़े बर्तन में रखा है, तो उसके अंदर का खाना एक समान गति से ठंडा नहीं हो सकता. बर्तन के बीच का हिस्सा ज्यादा देर तक गर्म रह सकता है और वहां बैक्टीरिया पनपने का खतरा बना रहता है. इसके अलावा बहुत ज्यादा गर्म और बड़ी मात्रा में खाना फ्रिज के अंदर का तापमान भी बढ़ा सकता है. इससे आसपास रखे दूसरे खाद्य पदार्थों का तापमान भी बढ़ सकता है और उनकी सुरक्षा प्रभावित हो सकती है. खाने को स्टोर करने का सही तरीका क्या है?
गर्म खाने को फ्रिज में रखने से पहले उसे जल्दी और सुरक्षित तरीके से ठंडा करना बेहतर है. इसके लिए सबसे आसान तरीका है कि खाने को एक बड़े बर्तन में रखने के बजाय छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दें. छोटे कंटेनर में खाना रखने से उसकी ज्यादा सतह बाहर के संपर्क में आती है और गर्मी जल्दी निकलती है. साथ ही छोटे हिस्सों में खाना अपने बीच गर्मी को ज्यादा देर तक रोककर नहीं रखता. इससे खाने का बीच वाला हिस्सा भी जल्दी ठंडा होने लगता है. खाने को ठंडा करने के लिए धातु या कांच के कंटेनर इस्तेमाल करना भी मददगार हो सकता है. धातु गर्मी को प्लास्टिक की तुलना में बेहतर तरीके से बाहर निकाल सकता है, जिससे खाना जल्दी ठंडा होने में मदद मिलती है. अगर खाना काफी गर्म है, तो कंटेनर को बर्फ वाले पानी में रखकर भी जल्दी ठंडा किया जा सकता है. इसके लिए सिंक या किसी बड़े बर्तन में साफ पानी और बर्फ भरें. ध्यान रखें कि पानी खाने के कंटेनर के अंदर न जाए. अब गर्म खाने वाले कंटेनर को बर्फ के पानी में रखें और खाने को बीच-बीच में चलाते रहें. जरूरत के मुताबिक बर्फ या ठंडा पानी बदलते रहें. खाने का तापमान फूड थर्मामीटर से चेक किया जा सकता है. जब खाना करीब 70 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच जाए, तो उसे फ्रिज में रखकर आगे ठंडा किया जा सकता है. हालांकि यह तरीका हर तरह के खाने पर एक जैसा काम नहीं करता. उदाहरण के लिए, ग्रेवी या सूप जैसी चीजों में गर्मी कंटेनर की दीवारों तक आसानी से पहुंच सकती है, जबकि कटे हुए मांस के टुकड़ों में गर्मी इतनी तेजी से बाहर नहीं निकलती. सूप, स्टू या दूसरी तरल चीजों को जल्दी ठंडा करने के लिए उन्हें लगातार चलाया जा सकता है. कुछ मामलों में बर्फ डालकर भी तापमान कम किया जा सकता है. इससे अंदर फंसी गर्मी बाहर निकलने में मदद मिलती है और खाना जल्दी सुरक्षित तापमान तक पहुंच सकता है. गर्म खाना सीधे फ्रीजर में रखना सही है?
गर्म खाने को जल्दी ठंडा करने के लिए उसे सीधे फ्रीजर में रखना सही तरीका नहीं है. इससे फ्रीजर का तापमान बढ़ सकता है और आसपास रखा जमे हुए खाना आंशिक रूप से पिघल सकता है. इसलिए पहले खाने को सुरक्षित तरीके से ठंडा करें और उसके बाद ही फ्रीजर में रखें. खाना कितनी देर तक बाहर रखा जा सकता है?
पका हुआ खाना कमरे के तापमान पर दो घंटे से ज्यादा नहीं छोड़ना चाहिए. अगर बाहर का तापमान करीब 90 डिग्री फारेनहाइट यानी लगभग 32 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा है, तो यह समय घटकर एक घंटे रह जाता है. जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
