नयी दिल्ली. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण विनिर्माण योजना को 1.15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. उन्होंने कहा कि योजना को बनाते समय निर्धारित लक्ष्यों की तुलना में ये प्रस्ताव निवेश, रोजगार और उत्पादन के लक्ष्यों से कई गुना अधिक हैं.
वैष्णव ने कहा, ” इलेक्ट्रॉनिक उपकरण विनिर्माण योजना (ईसीएमएस) के लिए आवेदन की अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो गई. हमें 1,15,351 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं.” मंत्री ने कहा कि कुल आवेदनों में से करीब 60 प्रतिशत छोटे एवं मझोले उद्यमों से आए हैं.
वैष्णव ने कहा, ” करीब 60 प्रतिशत आवेदन एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) से आए हैं. यह बहुत उत्साहजनक है क्योंकि जब छोटी कंपनियां कार्यक्रम और नीति पर विश्वास दिखाती हैं तो यह एक बड़ा बदलाव आता है.” उन्होंने कहा कि सरकार ने इस योजना के तहत करीब 59,000 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त करने की परिकल्पना की है और पूंजीगत उपकरण खंडों के लिए आवेदन अब भी दिये जा सकते हैं. चीन वर्तमान में पूंजीगत उपकरण क्षेत्र में हावी है और हाल ही में उसने देश में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन के लिए वस्तुओं, विशेष रूप से आईफोन की आपूर्ति अनौपचारिक रूप से रोक दी थी.
वैष्णव ने कहा कि सरकार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विनिर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्रियों के उत्पादन पर भी ध्यान केंद्रित करेगी. कुल 249 कंपनियों ने आवेदन जमा किए हैं जिनकी मंजूरी से पहले एक समिति द्वारा जांच की जाएगी. वैष्णव ने कहा, ” सभी आवेदनों की जांच अब एक समिति करेगी और हमें उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी.” मंत्री ने कहा कि यह प्रोत्साहन उन कंपनियों को ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर दिया जाएगा जो दिशानिर्देशों के अनुसार अपने निवेश, उत्पादन आदि लक्ष्यों को जल्द से जल्द पूरा करेंगी.
वैष्णव ने कहा, ” 4,56,500 करोड़ रुपये के उत्पादन लक्ष्य के मुकाबले हमें 10,34,000 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादन अनुमान प्राप्त हुए हैं.” इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि प्रस्तावों से 1.41 लाख लोगों के लिए रोजगार सृजन का वादा किया गया है जबकि योजना के तहत 91,600 लोगों के लिए रोजगार का लक्ष्य रखा गया है. योजना के तहत मोबाइल फोन, आईटी हार्डवेयर उत्पादों और अन्य संबंधित उपकरणों के लिए 35,813 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है.
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स वर्तमान में ‘एनक्लोजर’ खंड में अग्रणी कंपनियों में से एक है जो आईफोन के लिए उत्पाद बनाती है. कंपनियों ने जिन प्रमुख क्षेत्रों में बड़े निवेश के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं उनमें लचीले मुद्रित र्सिकट बोर्ड (16,542 करोड़ रुपये), इलेक्ट्रो-मैकेनिकल उपकरण (14,362 करोड़ रुपये), मल्टी-लेयर पीसीबी (14,150 करोड़ रुपये), सब-असेंबली और बेयर घटकों की आपूर्ति श्रृंखला (9,226 करोड़ रुपये), डिस्प्ले मॉड्यूल सब-असेंबली (8,642 करोड़ रुपये), कैमरा मॉड्यूल सब-असेंबली (6,205 करोड़ रुपये) और लिथियम आयन सेल (4,516 करोड़ रुपये) शामिल हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में प्रयुक्त पूंजीगत वस्तुओं के लिए 2,103 करोड़ रुपये, ऑप्टिकल ट्रांसीवर के लिए 1,645 करोड़ रुपये, गैर-एसएमडी नि्क्रिरय उपकरणों में 1,608 करोड़ रुपये और एसएमडी नि्क्रिरय उपकरणों के लिए 535 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं.
