राष्ट्रवाणी: जमीन पर मोबाइल टावर्स और फाइबर बिछाने के बाद Reliance Jio अब अंतरिक्ष से इंटरनेट पहुंचाने की तैयारी में है। …और पढ़ें 1,600 सैटेलाइट्स के साथ Jio ने तैयार किया नया मास्टरप्लान। Photo- ChatGPT. टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली।
जमीन पर मोबाइल नेटवर्क और फाइबर बिछाने के बाद, Jio की नजरें अब सीधे स्पेस पर हैं। कंपनी भारत भर में करीब 1,600 सैटेलाइट्स का जाल बिछाने और 23 ग्राउंड स्टेशन्स लगाने के प्लान पर काम कर रही है। इसका मकसद उन इलाकों तक नेटवर्क पहुंचाना है जहां आम मोबाइल टावर नहीं पहुंच पाते।
Jio ने अपने इस स्पेस विजन को दिल्ली में चल रहे India Mobile Congress 2026 में शोकेस किया है। Jio ने इस प्रोजेक्ट को ‘Sovereign Satellite Connectivity’ नाम दिया है। इसमें करीब 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स का नेटवर्क शामिल है।
कंपनी का मकसद डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, टेस्टिंग से लेकर लॉन्चिंग और पूरे कामकाज का कंट्रोल पूरी तरह भारत के पास ही रखना है। प्लान में शामिल 23 ग्राउंड स्टेशन्स काफी अहम रोल निभाएंगे, जो सैटेलाइट नेटवर्क को सीधे जमीन से जोड़ेंगे। इसके साथ ही इस सैटेलाइट नेटवर्क को Jio के मौजूदा मोबाइल और फाइबर नेटवर्क के साथ भी जोड़ा जाएगा।
Jio का टारगेट देश के जमीन और समुद्री इलाकों को 100 परसेंट कवरेज देना है, जिससे 6 लाख से ज्यादा गांवों तक नेटवर्क पहुंचेगा। दूर-दराज के गांव, आइलैंड्स और बॉर्डर के इलाके इसके मेन फोकस में हैं। इसके अलावा बड़ी कंपनियों, जहाजों, उड़ानों, सरकारी और डिफेंस के कामों के साथ-साथ इमरजेंसी हालातों में भी इसका इस्तेमाल होगा।
यही नहीं, इसमें गांवों के लिए सीधे फोन पर ‘Direct-to-Device’ कॉलिंग की सुविधा देने की बात भी कही गई है। इस साल India Mobile Congress की थीम ‘Scale Without Boundaries’ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को IMC के 10वें एडिशन का इनॉग्रेशन किया।
यह थीम टेक्नोलॉजी को पुरानी सीमाओं से बाहर निकालने की सोच दिखाती है। Jio का सैटेलाइट प्लान इसी सोच को जमीन पर उतार रहा है, यानी जहां केबल और टावर का दायरा खत्म होता है, वहां से स्पेस का नेटवर्क काम शुरू करेगा। फिलहाल 1,600 सैटेलाइट्स और 23 ग्राउंड स्टेशन्स का प्लान सामने रखा गया है।
लेकिन बात साफ है कि Jio जमीन और स्पेस दोनों नेटवर्क्स को जोड़कर कनेक्टिविटी के अगले लेवल की तैयारी कर रहा है।

