India-Bangladesh Relation: बांग्लादेश को नई सरकार मिलने वाली है। आम चुनाव में तारिक रहमान की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को प्रचंड बहुमत मिला है। ऐसे में बीएनपी की जीत से शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश के खराब हुए भारत के साथ रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा?

पड़ोसी देश बांग्लादेश में हुए आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी को प्रचंड बहुमत हासिल हुआ है। शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद पहली बार हुए चुनाव में 300 सदस्यीय संसद में 200 से अधिक सीटें बीएनपी के खाते में गई है। ऐसे में अब तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं।

इस चुनाव के नतीजे सिर्फ बांग्लादेश के लिए नहीं बल्कि भारत के लिहाज से भी बेहद अहम है। ऐसे में जानिए भारत के लिए बांग्लादेश में तारिक रहमान की पार्टी की जीत के क्या मायने हैं?

भारत के लिए कितने अहम नतीजे
चुनाव के अंतिम परिणाम आ चुके हैं। बीएनपी जहां सत्ता के शीर्ष पर पहुंच चुकी है, तो कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी को करारी हार मिली है। बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान अब बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। ऐसे में शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद अब भारत के लिए अगली सरकार से चर्चा की रणनीति काफी अहम होने वाली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान और उनकी पार्टी को चुनाव में हुई शानदारी जीत के लिए शुभकामनाएं दी है। चुनाव में आवामी लीग पर लगे प्रतिबंध के बाद नई दिल्ली लगातार चुनाव गतिविधियों और नतीजों पर नजर बनाए हुई थी। क्योंकि इस चुनाव में बांग्लादेश में भारत विरोधी माहौल को खूब हवा दी गई। ऐसे में बीएनपी की जीत भारत के लिए एक तरह से राहत की खबर है।

पीएम मोदी ने दी बधाई, रिश्तों पर दिया जोर
पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा,’बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में बीएनपी को निर्णायक जीत दिलाने पर मैं तारिक रहमान को हार्दिक बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश की जनता के आपके नेतृत्व पर विश्वास को दर्शाती है। भारत लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के प्रति अपना समर्थन जारी रखेगा। मैं आपके साथ मिलकर हमारे बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं।’

बीएनपी की जीत भारत के लिए राहत की खबर
बीएनपी की जीत भारत के लिए राहतभरी खबर है। ऐसा इसलिए क्योंकि कट्टपंथी दल जमात-ए-इस्लामी ने चाहे अपने चुनावी घोषणा पत्र में कितने भी भारत के साथ मधुर संबंधों पर जोर दिया हो, लेकिन भारत में अक्सर उसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रभाव में माना जाता है। वहीं ऐतिहासिक रूप से बीएनपी के साथ भारत के रिश्ते सहज ना रहे हो, लेकिन मौजूदा हालातों के मद्देनजर भारत उसे लोकतांत्रिक विकल्प के तौर पर देख रहा है।

तारिक रहमान की प्रचंड जीत के मायने
भारत के लिए तारिक रहमान की जीत बांग्लादेश के साथ संबंधों का नया दौर शुरू करेगा।
सुरक्षा सहयोग, विदेश नीति और आर्थिक साझेदारी का आने वाला रास्ता तय होगा।
बांग्लादेश में हावी होते कट्टरपंथ पर बीएनपी का तौर-तरीका उसकी छवि तय करेगा।
बीएनपी के सत्ता संभालने के बाद चीन और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर नजर रहेगी।
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग और अल्पसंख्यक सुरक्षा जैसे मुद्दे शुरुआती चुनौतियां
बीएनपी की सरकारों पर भारत-विरोधी उग्रवादियों को शरण देने का आरोप लगता रहा है।



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