राष्ट्रवाणी: प्रधानमंत्री मोदी ने ‘द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स’ सम्मेलन में भारत की पर्यावरण उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को साझा किया। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, दुनिया की सबसे लंबी, क्लीन मोबिलिटी का प्रतीक। पिछले 12 वर्षों में भारत की विंड एनर्जी क्षमता तीन गुना बढ़ी।

70,000 से अधिक अमृत सरोवर बनाए गए, जल संरक्षण में अभूतपूर्व कार्य। आईएएनएस, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स’ पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शनिवार को भारत की पर्यावरण से जुड़ी उपलब्धियों को विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि भारत आज क्लीन मोबिलिटी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा, “अभी कुछ दिन पहले भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चली है और ये दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है। ये क्लीन मोबिलिटी के एक नए युग की शुरुआत है।” प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 12 सालों में भारत की विंड एनर्जी क्षमता में 3 गुना बढ़ोतरी हुई है।

हाइड्रो-एनर्जी क्षमता में भी मजबूत वृद्धि देखी गई है। नया भारत न्यूक्लियर एनर्जी पर भी फोकस कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इन क्षेत्रों में प्राइवेट प्लेयर्स के लिए भी रास्ते खोल रही है।

इन प्रयासों से भारत की नॉन-फॉसिल एनर्जी क्षमता में 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ई-मोबिलिटी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले भारत में हर साल केवल 3,000 ई-व्हीकल बिकते थे। पिछले साल करीब 25 लाख ईवी की बिक्री हुई, जो एक अविश्वसनीय वृद्धि है।

इससे पर्यावरण को मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि फास्टैग से टोल बूथ पर इंतजार का समय और ईंधन की बर्बादी काफी कम हुई है। पीएम मोदी ने बताया कि 2014 तक देश के सिर्फ 5 शहरों में 250 किमी से कम मेट्रो नेटवर्क था।

आज देश के 20 से ज्यादा शहरों में मेट्रो चल रही है और भारत दुनिया के उन देशों में शामिल हो गया है जिनके पास 1 हजार किमी से ज्यादा का मेट्रो नेटवर्क है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रेलवे के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण से करोड़ों लीटर डीजल की बचत हुई है, जिससे पर्यावरण को भी फायदा हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा विकास तेज भी है और सस्टेनेबल भी है। आज जल संरक्षण में भी अभूतपूर्व काम हो रहा है। 70,000 से ज्यादा अमृत सरोवर बनाए गए हैं।

‘कैच द रेन’ पहल के तहत देश भर में करीब 1.5 करोड़ जल संचयन संरचनाएं बनाई गई हैं। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग से बड़ा बदलाव आया है। 12.5 लाख हेक्टेयर में नेचुरल फार्मिंग के क्लस्टर बनाए गए हैं।

करीब 3,000 किस्म की जलवायु-अनुकूल फसलें विकसित की गई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हम एग्रोफॉरेस्ट्री को बढ़ावा देकर कार्बन फुटप्रिंट कम कर रहे हैं। पिछले 12 वर्षों में हमारा बहुत घना वन क्षेत्र 22 प्रतिशत बढ़ा है।

प्लास्टिक वेस्ट की चुनौती पर पीएम मोदी ने कहा कि इसलिए भारत ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाई है। हमने ‘रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकल’ के मंत्र के साथ सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा दिया है। आज भारत में हर रोज हजारों टन कचरे को रीसाइकल किया जा रहा है।

गोबरधन योजना के माध्यम से गांवों में गोबर और दूसरे ऑर्गेनिक वेस्ट को भी उपयोगी संसाधन में बदला जा रहा है।

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