नयी दिल्ली/मुंबई. देशभर में उड़ानों के संचालन पर पैदा हुए गतिरोध के बीच नागर विमानन मंत्री ने सोमवार को कहा कि सरकार इंडिगो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की योजना बना रही है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाली एयरलाइंस के लिए एक मिसाल कायम की जा सके.
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने एक सप्ताह तक बड़ी संख्या में अपनी उड़ानों के रद्द होने के बाद अपने परिचालन को सामान्य बनाने के लिए और उड़ानों को जोड़ने की घोषणा की. सोमवार को इंडिगो ने 1800 उड़ानें संचालित की जबकि रविवार को 1650 उड़ानें संचालित हुई थीं. इंडिगो ने विमानन नियामक डीजीसीए के कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है. डीजीसीए ने एक बयान में कहा कि एयरलाइन ने इस व्यवधान से यात्रियों को हुई असुविधा एवं परेशानी पर गहरा खेद जताते हुए क्षमा याचना की है. नियामक इंडिगो से मिले जवाब की पड़ताल कर रहा है और उसके बाद समुचित कदम उठाए जाएंगे.
राज्यसभा में सोमवार को नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार ने इंडिगो की बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द किए जाने के संबंध में जांच शुरू कर दी है और एयरलाइन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि अन्य एयरलाइनों के लिए मिसाल पेश की जा सके.
उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए नायडू ने इंडिगो एयरलाइन को उसके रोजमर्रा के संचालन के दौरान चालक दल एवं ड्यूटी रोस्टर को प्रबंधित करने में विफल करार दिया. उन्होंने कहा, “हम इस स्थिति को हल्के में नहीं ले रहे हैं. हम एक जांच कर रहे हैं. हम न केवल इस मामले में बल्कि एक मिसाल पेश करने के लिए भी बहुत, बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे.” उच्च न्यायालय के आदेश के बाद तैयार किए गए उड़ान ड्यूटी समयसीमा (एफडीटीएल) संबंधी नए मानकों की विस्तार से जानकारी देते हुए नायडू ने कहा कि कुल 22 एफडीटीएल दिशानिर्देश थे, जिनमें से 15 को एक जुलाई 2025 से और शेष सात को एक नवंबर 2025 से लागू किया गया.
नायडू ने कहा कि एफडीटीएल के कार्यान्वयन के संबंध में इंडिगो सहित कई हितधारकों से परामर्श किया गया था और सरकार ने यह बहुत स्पष्ट कर दिया था कि सभी एयरलाइंस को सुरक्षा से समझौता किए बिना नियमों का पालन करना होगा. इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान की जांच कर रहे नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा नियुक्त समिति एयरलाइन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स और मुख्य परिचालन अधिकारी इसिड्रो पोर्केरास को बुधवार को तलब कर सकती है.
संयुक्त महानिदेशक संजय ब्राह्मणे, उप महानिदेशक अमित गुप्ता, वरिष्ठ उड़ान परिचालन निरीक्षक (एफओआई) कपिल मांगलिक और एफओआई लोकेश रामपाल वाली जांच समिति को इंडिगो की उड़ानों के परिचालन में व्यापक व्यवधानों के मूल कारणों का पता लगाने का काम सौंपा गया है. समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है. इंडिगो ने सोमवार को भी छह प्रमुख हवाई अड्डों पर 562 उड़ानें रद्द कर दीं, जिनमें से 150 उड़ानें अकेले बेंगलुरु हवाई अड्डे पर रद्द की गईं.
यह संख्या नागर विमानन मंत्रालय द्वारा दिए गए अनुमानों से अधिक है, जिसने सोमवार को 500 उड़ानें रद्द करने के अलावा 1,802 उड़ानों के संचालन की योजना की जानकारी दी थी. इंडिगो ने सोमवार को रद्द की गई उड़ानों की संख्या अपनी तरफ से सार्वजनिक नहीं की. इस बीच, मूडीज रेंिटग्स ने सोमवार को कहा कि एयरलाइन एक साल से अधिक पहले विमानन उद्योग के लिए निर्धारित नियमों के लिए सही योजना नहीं बना पाई, जिसके चलते उसे इस विफलता का सामना करना पड़ा. मूडीज ने एक टिप्पणी में कहा कि ये अव्यवस्थाएं एयरलाइन की साख के लिए भी नकारात्मक हैं. इसमें कहा गया, ”अस्थायी राहत के बावजूद नए विमानन नियमों के लिए प्रभावी योजना न बना पाना एयरलाइन की साख के लिए नकारात्मक है.”
इंडिगो ने दिया नोटिस का जवाब, डीजीसीए ने उचित कार्रवाई की बात कही
विमानन क्षेत्र के नियामक डीजीसीए ने सोमवार को कहा कि उसे इंडिगो की बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने पर जारी ‘कारण बताओ नोटिस’ पर एयरलाइन का जवाब मिल गया है और वह इस पर उचित कार्रवाई करेगा. नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने यह भी कहा कि एयरलाइन को उड़ानें रद्द होने के बाद ग्राहकों को हुई परेशानी और कठिनाइयों के लिए बहुत अफसोस है और इसके लिए उसने ‘बहुत खेद’ जताया है.
डीजीसीए ने एक बयान में कहा कि वह नोटिस पर मिले जवाब की पड़ताल कर रहा है, और जो भी प्रवर्तन कदम उचित समझा जाएगा, वह कार्रवाई समय आने पर की जाएगी. नियामक ने शनिवार को इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स और जवाबदेही प्रबंधक इसिड्रो पोर्केरास को कारण बताओ नोटिस जारी करके उड़ानों में पैदा हुए भारी गतिरोध पर 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा था.
बाद में एयरलाइन की तरफ से और समय मांगे जाने के बाद नोटिस का जवाब देने की समयसीमा को सोमवार शाम छह बजे तक बढ़ा दिया गया था. डीजीसीए ने बयान में कहा, ‘‘इंडिगो ने आठ दिसंबर को शाम छह बजकर एक मिनट पर सीईओ एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) दोनों के हस्ताक्षरित जवाब जमा किए.’’ इंडिगो के एक सूत्र ने भी पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में सीईओ और सीओओ की तरफ से डीजीसीए को नोटिस का जवाब भेजे जाने की पुष्टि की. लगातार सात दिनों से इंडिगो के परिचालन में बड़ी रुकावटें आई हैं. इस दौरान सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और कई उड़ानें देरी से संचालित हुई हैं. इस वजह से हज़ारों यात्रियों को मुश्किलें हुई हैं.
इंडिगो का शेयर करीब नौ प्रतिशत लुढक़ा, बाजार मूल्यांकन 17,884 करोड़ रुपये घटा
इंडिगो एयरलाइन का संचालन करने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर में सोमवार को लगभग नौ प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जिससे इसका बाजार मूल्यांकन 17,884.76 करोड़ रुपये कम हो गया. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के परिचालन में पिछले एक हफ्ते से बड़े पैमाने पर व्यवधान देखा जा रहा है. इस दौरान सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ रही हैं.
इस घटनाक्रम के असर से कंपनी का शेयर एनएसई पर 8.62 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 4,907.50 रुपये पर बंद हुआ. वहीं बीएसई पर यह शेयर 8.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,926.55 रुपये पर बंद हुआ. कारोबारी सत्र के दौरान इंडिगो के शेयर की कीमत एक समय बीएसई पर 4,842.20 रुपये और एनएसई पर 4,842.50 रुपये तक आ गई थी. इस तरह इसमें करीब 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. हालांकि बाद में यह थोड़े सुधार के साथ बंद हुआ.
तेज बिकवाली के कारण इस घरेलू एयरलाइन का बाजार पूंजीकरण गिरकर दो लाख करोड़ रुपये के नीचे आ गया. एनएसई पर कंपनी का बाजार मूल्यांकन 17,884.76 करोड़ रुपये घटकर 1,89,719.34 करोड़ रुपये रह गया, जबकि बीएसई पर इंटरग्लोब एविएशन का बाजार मूल्य 17,179.24 करोड़ रुपये घटकर 1,90,455.79 करोड़ रुपये रह गया. इंटरग्लोब एविएशन के शेयर में 28 नवंबर से ही गिरावट का सिलसिला जारी है. उस समय शेयर लगभग 5,901 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए थे. पिछले सात कारोबारी सत्रों में कंपनी के शेयर में करीब 17 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है.
