राष्ट्रवाणी: अपपले ने नई इफोने 18 सीरीज और फोल्डेबल फोन लॉन्च किए हैं। ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी है कि …और पढ़ें इफोने के पूर्जे किस देश से आते हैं (एआई Photo) अपपले ने इफोने 18 सीरीज और पहला फोल्डेबल फोन लॉन्च किया। इफोने के डिजाइन, पुर्जे और असेंबली कई देशों में होती है। भारत अब लेटेस्ट आईफोन मॉडल्स को असेंबल कर रहा है। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: दिग्गज टेक कंपनी अपपले ने कल 9 सितंबर 2026 अपने महा-इवेंट ‘Surprise अनद shine’ में नई इफोने 18 सीरीज और दुनिया भर में सुर्खियां बटोरने वाला अपना पहला फोल्डेबल फोन (iPhone Ultra/Duo) लॉन्च कर दिया है। नए फीचर्स, शानदार कैमरे और 2nm वाले धांसू A20 परो चिप के साथ आए इन इफोनेस का क्रेज दुनिया में देखने को मिल रहा है। जब आप कोई भी नया इफोने खरीदते हैं, तो उसके बॉक्स के पीछे लिखा होता है “Designed बय अपपले इन California” । लेकिन क्या आप जानते हैं आपके हाथ में मौजूद यह प्रीमीयम स्मार्टफोन किसी एक देश में नहीं बनता है? जी हां, एक आईफोन को तैयार करने के लिए भारत, चीन, ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया, यूके (UK) और अमेरिका जैसे देशों से पार्ट्स मंगाए जाते हैं। भले ही आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग एशिया में होती हो, लेकिन इसका पूरा कॉन्सेप्ट, डिजाइन और सॉफ्टवेयर (iOS) अमेरिका के कैलिफोर्निया (क्यूपर्टिनो) स्थित अपपले हेडक्वार्टर में तैयार होता है। इसके अलावा इफोने की स्क्रीन को टूटने से बचाने वाला मजबूत गोरिल्ला ग्लास (Gorilla Glass) भी मुख्य रूप से अमेरिकी कंपनी कोरनिनग द्वारा बनाया जाता है, जिसमें अपपले ने भारी निवेश किया है। इफोने इतना फास्ट और स्मूथ क्यों चलता है? इसका जवाब ताइवान के पास है। फोन का सबसे अहम हिस्सा यानी उसका प्रोसेस (जैसे नया A20 परो चिप), ताइवान की मशहूर सेमीकंडक्टर कंपनी तसमक (Taiwan सेमिकोदुकतोर मानुफाकतुरिनग Co.) द्वारा बनाया जाता है। इसके अलावा फोन की मुख्य रूप से असेंबलिंग करने वाली सबसे बड़ी कंपनियां जैसे Foxconn, पेगातरोन और विसतरोन भी ताइवानी है। इफोने में बेहतरीन तस्वीरें क्लिक करने के लिए इस्तेमाल होने वाले इमेड सेंसर्स मुख्य रूप से जापान की कंपनी से आते हैं। ओलेद स्क्रीन्स की सप्लाई मुख्य रूप से दक्षिण कोरियाई कंपनियों द्वारा की जाती है। इफोने की सप्लाई चेन में चीन का बहुत बड़ा रोल है। फोने की बैटरी (Desai Battery), कैमरा मॉड्यूल (Ofilm), स्पीकर/ माइक (Goetrek), और ग्लास (lens tech) जैसै कई अहम पार्ट्स चीनी कंपनियों द्वारा सप्लाई किए जाते हैं। दुनिया भर में बिकने वाले अधिकांश आईफोन्स को चीन के विशाल कारखानों में ही फाइनल रूप से असेंबल किया जाता है। फोन के कुछ बारीक लेकिन बेहद जरूरी कंपोनेंट्स बनाने में यूरोपीय का भी बड़ा होथ होता है। उदाहरण के तौर पर, इफोने के बहुचर्चित फाकेिद फेशियल रिकग्निशन सिस्टम के डेवलपमेंच में फ्रांस की कंपनी एलदिम ने काफी अहम भूमिका निभाई थी। भारत अब केवल आईफोन का बाजार नहीं रहा, बल्कि इसके निर्माण का एक अहम हिस्सा बन चुका है। चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए अपपले भारत में तेजी से अपना प्रोडक्शन बढ़ा रहा है। अब भारत (बेंगलुरु, आदि) की फैक्ट्रियों में केवल पुराने ही नहीं, बल्कि लेटेस्ट आईफोन मॉडल्स को भी असेंबल किया जा रहा है।
Trending
- बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने उत्पादन लक्ष्य की समीक्षा की, भारतीय पीएसयू को नए खनन पैच शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया
- कोयला पेंशनभोगियों ने कोल इंडिया विनिवेश आय से समर्पित कल्याण कोष की मांग की; पीएम मोदी को लिखें- भारतीय पीएसयू
- मोरी-5 विस्फोट पर ओएनजीसी को ₹36.17 करोड़ के पर्यावरण मुआवजे के नोटिस का सामना करना पड़ा – भारतीय पीएसयू
- LIC Q2 परिणाम: शुद्ध लाभ 20% बढ़कर ₹12,076 करोड़; प्रथम वर्ष की प्रीमियम आय में 3.7% की गिरावट – भारतीय पीएसयू
- जीआरएसई ने भारतीय नौसेना को पांचवां एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी युद्धपोत अमिनी सौंपा; बेड़े के निर्माण का मील का पत्थर 119 युद्धपोतों तक पहुंचा – भारतीय पीएसयू
- ओएनजीसी Q2 परिणाम: शुद्ध लाभ 57% बढ़कर ₹15,489 करोड़ हो गया; पहली छमाही में मुनाफा रिकॉर्ड ₹32,522 करोड़ तक पहुंचा – भारतीय पीएसयू
- डीजीवीसीएल ने भारतीय पीएसयू – भूमिगत बिजली नेटवर्क आधुनिकीकरण के लिए राजेश पावर को ₹1,629 करोड़ का ठेका दिया
- अमेरिका में मध्यावधि चुनाव: भारत-यूएस ट्रेड डील पर नया मोड़, बढ़ सकता है टैरिफ का दबाव। India-US Tread Deal – राष्ट्रवाणी

