नयी दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने कालकाजी मंदिर में 35 वर्षीय सेवादार की हत्या के मामले में शेष आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई टीम गठित की हैं. सेवादार योगेंद्र सिंह की शुक्रवार रात प्रसाद वितरण को लेकर हुए विवाद के बाद कुछ लोगों ने कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी थी.

इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है, जिनमें मुख्य आरोपी अतुल पांडे भी शामिल है, जिसे स्थानीय लोगों ने मौके पर ही पकड़ लिया था. चार अन्य लोगों, मोहन उर्फ ??भूरा, उसके चचेरे भाई कुलदीप बिधूड़ी, नितिन पांडे और उसके पिता अनिल कुमार को शनिवार को गिरफ़्तार किया गया.

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पूर्वी) हेमंत तिवारी ने कहा, ”हमले में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं.” उन्होंने कहा कि शेष संदिग्धों को पकड़ने के लिए कई सर्मिपत टीम बनाई गई हैं, जो सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण और लोगों से पूछताछ कर रही हैं. पुलिस उपायुक्त ने कहा कि शेष सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
सिंह लगभग 15 वर्षों से मंदिर में सेवा कर रहे थे. भंडार खत्म होने की वजह से जब उन्होंने आरोपियों के समूह की चुन्नी प्रसाद की मांग पूरी नहीं की, तो उन पर लाठी-डंडों और मुक्कों से हमला कर दिया गया. सिंह के छोटे भाई कौशल ने कहा कि परिवार इस त्रासदी से स्तब्ध है. उन्होंने सरकार से सहायता की मांग की.

कौशल ने कहा, ”योगेंद्र अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए अथक परिश्रम करते थे. वह मंदिर में सेवा करके अपनी पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण कर रहे थे, जिनमें उनकी छह साल की दिव्यांग बेटी भी शामिल थी. हमें अकेले उसके इलाज पर ही एक लाख रुपये से ज़्यादा खर्च करने पड़े. अब हम सरकार से आर्थिक मदद के लिए विनती करते हैं, ताकि उसका इलाज जारी रह सके.” उन्होंने यह भी बताया कि उनके भाई ने आरोपी के प्रसाद के अनुरोध को विनम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया था.

कौशल ने कहा, ”योगेंद्र ने बताया कि प्रसाद खत्म हो गया है. लेकिन समझने की बजाय, उन्होंने उसे बाहर खींच लिया और इतनी बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया कि वह बच नहीं सका. हम सोच भी नहीं सकते कि उस पर इतनी क्रूरता क्यों की गई.” उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि ऐसा अपराध फिर कभी न हो. मंदिर के अन्य सेवादारों ने कहा कि इस घटना के बाद वे अब अपनी सुरक्षा को लेकर अनिश्चित हैं.

सेवादारों में से एक ने कहा, ”हम मंदिर और श्रद्धालुओं की पूरी श्रद्धा से सेवा करते हैं. लेकिन इस हत्या के बाद, हम यहाँ आने वाले किसी भी व्यक्ति पर कैसे भरोसा कर सकते हैं? इस क्रूरता ने हमें हिलाकर रख दिया है. हम मंदिर में काम करने वाले सेवादारों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था की माँग करते हैं.”

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