नयी दिल्ली/मुंबई/भोपाल/नागपुर/जमशेदपुर. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मालेगांव विस्फोट मामले में सात आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को आगे बढ़ने से रोकने के लिए अपने मुस्लिम मतदाताओं को खुश करने के वास्ते ”हिन्दू आतंकवाद” का विमर्श गढ़ा था.
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने मांग की कि भाजपा की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित सहित बरी किए गए आरोपियों को मुआवजा दिया जाना चाहिए और अभियोजन पक्ष को उन्हें फंसाने के लिए कथित तौर पर यातना देने और सबूत गढ़ने के वास्ते माफी मांगनी चाहिए.
उन्होंने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा, ”कांग्रेस अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. यह मामला विशुद्ध वोट बैंक की राजनीति के लिए पार्टी की एक सोची-समझी साजिश थी.” प्रसाद ने कहा कि ‘भगवा आतंकवाद’ की संभावना को बल देने संबंधी कांग्रेस की साजिश विफल हो गई है.
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अदालत के फैसले से संबंधित सवालों को खारिज करते हुए कहा कि यह वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है. उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारतीय अर्थव्यवस्था पर आलोचनात्मक टिप्पणियों को लेकर सरकार पर निशाना साधा. इस पर पलटवार करते हुए प्रसाद ने दावा किया कि विकीलीक्स के अनुसार, गांधी ने 2010 में अमेरिकी राजदूत से कहा था कि चरमपंथी हिंदू समूह आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से भी अधिक खतरनाक हो सकते हैं.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता गांधी का दावा पूरी तरह से गलत साबित हुआ है और वह सच्चाई से भाग रहे हैं. प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए.
मालेगांव विस्फोट में छह लोगों की मौत होने के लगभग 17 साल बाद एक विशेष अदालत ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सभी सातों आरोपियों को बृहस्पतिवार को बरी करते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई ”विश्वसनीय और ठोस सबूत नहीं हैं.” प्रसाद ने पुरोहित की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक बहादुर और सम्मानित अधिकारी बताया जिन्होंने कश्मीर में आतंकवाद से लड़ाई लड़ी. उन्होंने ठाकुर को एक ‘संत’ बताया. प्रसाद ने कहा कि दोनों को झूठे आरोपों के कारण 17 साल तक कष्ट सहना पड़ा.
भाजपा नेता ने कई मामलों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस नीत तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने संदिग्ध मुस्लिम आरोपियों और आतंकवादी संगठनों की भूमिका को कथित तौर पर छिपाने की कोशिश की थी. उन्होंने 2004 में गुजरात पुलिस द्वारा मुठभेड़ में मारी गई लश्कर-ए-तैयबा की संदिग्ध सदस्य इशरत जहां, 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट मामले और 2007 के समझौता एक्सप्रेस विस्फोट का उल्लेख किया.
प्रसाद ने कहा, ”कांग्रेस वोट बैंक की अपनी राजनीति में किसी भी हद तक जा सकती है.” पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम और सुशील शिंदे पर ‘भगवा और हिंदू आतंकवाद’ के विचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि चिदंबरम ने लोगों को झूठे मामलों में फंसाने और इस विमर्श को फैलाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया.
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मोदी, शाह और भाजपा को रोकने के लिए ”हिंदू आतंकवाद” के विचार को मजबूत करने का हरसंभव प्रयास करना तथा मुसलमानों के पक्ष में होने के लिए किसी भी हद तक जाना था. प्रसाद ने आरोप लगाया कि लश्कर-ए-तैयबा द्वारा इशरत जहां के साथ अपने संबंधों की बात स्वीकार किए जाने के बावजूद चिदंबरम ने अधिकारियों पर दबाव डाला कि वे उसका नाम आतंकवादी समूह की सदस्य के रूप में उल्लेखित सूची से हटा दें.
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तत्कालीन संप्रग सरकार ने एक समिति गठित की थी जिसने 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले 2001 के गोधरा ट्रेन हादसे के लिए अयोध्या से लौट रहे ”कारसेवकों” को जिम्मेदार ठहराया था. भाजपा ने कहा कि 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में सभी सात आरोपियों को बरी किए जाने के साथ ही ”हिंदू आतंकवाद का हौवा” खड़ा करने की साजिश ध्वस्त हो गई है.
भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व से निर्दोष व्यक्तियों को आतंकवादी बताकर ‘सनातन धर्म’ को बदनाम करने के लिए माफी मांगने को कहा.
भाजपा आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं को हिंदुओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”आज न्यायालय ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है, जिससे यह उजागर हुआ है कि किस तरह कांग्रेस ने अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए निर्दोष व्यक्तियों को आतंकवादी करार दिया.” उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कानूनी फैसला नहीं है, बल्कि उन लोगों के खिलाफ नैतिक अभियोग है, जिन्होंने चुनावी फायदे के लिए एक पूरे धर्म को बदनाम किया.
मालवीय ने कहा कि ”भगवा आतंकवाद का हौवा” खड़ा करने की कांग्रेस की ”भयावह साजिश” ध्वस्त हो गई है. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”सोनिया गांधी, पी चिदंबरम और सुशील कुमार शिंदे जैसे लोग, जिन्होंने इस दुर्भावनापूर्ण अभियान का नेतृत्व किया, उन्हें सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए हिंदुओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए.” मालवीय ने कहा कि हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकते.
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, ”गृह मंत्री (अमित शाह) ने कल कहा था कि हिंदू आतंकवादी नहीं हो सकते. ‘भगवा आतंकवाद’ जैसा कोई शब्द नहीं है. हिंदू कभी भी ऐसे घिनौने कृत्यों में शामिल नहीं होते. वर्ष 2005 से 2013 के बीच हुए सभी बम विस्फोट पाकिस्तान के इशारे पर भारत में किए गए थे, लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने पाकिस्तानी आतंकवादियों को पकड़ने के बजाय सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की.” दुबे ने संसद परिसर में ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ”यह कांग्रेस की मानसिकता है. वह हमेशा चीन-मित्र और चीन-समर्थक राजनीति करती है, जो अब उजागर हो गई है.”
आरोपियों ने वकील न रखा होता तो मालेगांव मामला 15 साल पहले खत्म हो गया होता: कुलकर्णी
मालेगांव विस्फोट मामले में बृहस्पतिवार को बरी किए गए सात लोगों में से एक समीर कुलकर्णी ने कहा कि यदि उनके सह-आरोपियों ने वकील नहीं रखा होता तो मुकदमा 15 साल पहले ही समाप्त हो गया होता. उन्होंने बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष दोनों पर मुकदमे को लम्बा खींचने का आरोप लगाया.
स्वयं अपना केस लड़ने वाले कुलकर्णी ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, “मैं अदालत का शुक्रिया अदा करता हूं. मैंने कोई वकील नहीं रखा क्योंकि मुझे हमारी न्यायिक प्रणाली पर भरोसा था. मैंने मामले में तेजी लाने के लिए बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया था और इसके लिए 26 बार अनशन भी किया था.” कुलकर्णी ने कहा, “सभी आरोपी निर्दोष थे. अगर उन्होंने वकील न रखा होता तो मामला 15 साल पहले खत्म हो चुका होता.”
‘हिंदू आतंकवाद’ शब्द गढ़ने के लिए कांग्रेस और दिग्विजय सिंह माफी मांगें: मोहन यादव
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में अदालत के फैसले का बृहस्पतिवार को स्वागत किया और कहा कि कांग्रेस नेताओं, खासकर दिग्विजय सिंह को ‘हिंदू आतंकवाद’ का विमर्श गढ़ने और ‘संतों’ को बदनाम करने के लिए माफी मांगनी चाहिए.
मुख्यमंत्री यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”सत्यमेव जयते…मालेगांव विस्फोट प्रकरण में सभी आरोपियों का निर्दोष सिद्ध होना कांग्रेस की संकुचित मानसिकता पर करारा प्रहार है.” उन्होंने कहा कि ‘हिन्दू आतंकवाद’ जैसे विमर्श गढ़ने वाली कांग्रेस को सदैव याद रखना चाहिए कि हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता. उन्होंने कहा, ”यह निर्णय सनातन धर्म, साधु-संतों एवं भगवा को अपमानित करने वाले लोगों को करारा जवाब है. कांग्रेस को सभी सनातनियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.” मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि आज साध्वी प्रज्ञा निर्दोष साबित हुई है. उन्होंने उन्हें बधाई दी एवं न्यायालय का अभिनंदन किया.
फडणवीस ने कहा, आतंकवाद न कभी भगवा था और न कभी होगा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले की बृहस्पतिवार को सराहना करते हुए कहा ”आतंकवाद न कभी भगवा था और न कभी होगा.” वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस फैसले ने हिंदू समुदाय पर लगे कलंक को मिटा दिया है. शिंदे ने दावा किया कि हिंदू कभी भी राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त नहीं हो सकते और उन्होंने ”हिंदू आतंकवाद के बेतुके शब्द” गढ़ने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा.
मालेगांव मामले में फैसले से सच सामने आ गया है: आंबेकर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बृहस्पतिवार को मालेगांव विस्फोट मामले में सभी सात आरोपियों को बरी करने के अदालत के फैसले की सराहना की और कहा कि इससे सच सामने आ गया है. आंबेकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि कुछ लोगों ने ‘अपने निजी और राजनीतिक कारणों से’ इस मुद्दे को उठाया था और ‘पूरे हिंदू समुदाय और हिंदू धर्म को आतंकवाद से जोड़ने’ की कोशिश की थी.
‘भगवा आतंकवाद’ के आख्यान को थोपने का कांग्रेस का प्रयास विफल हुआ: रघुबर दास
मालेगांव विस्फोट मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर (साध्वी प्रज्ञा) और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित सहित सभी सात आरोपियों को बरी किए जाने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुबर दास ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘भगवा आतंकवाद’ के आख्यान को थोपने का कांग्रेस का प्रयास विफल हो गया है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दास ने मालेगांव विस्फोट मामले में अदालत का फैसला आने के तुरंत बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मालेगांव विस्फोट मामले में साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित समेत अन्य लोगों का बरी होना कांग्रेस सरकार के कुकृत्यों पर जोरदार तमाचा है. इसके साथ ही ‘भगवा आतंकवाद’ के आख्यान को थोपने का कांग्रेस का प्रयास विफल हो गया है.”
