तिरुवनंतपुरम/त्रिशूर. केरल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का शीर्ष नेतृत्व बुधवार को केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी के समर्थन में उतर आया, जो त्रिशूर से 2024 का लोकसभा चुनाव जीतने में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नीत यूडीएफ और माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ के बढ़ते हमलों का सामना कर रहे हैं.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मतदाता सूची में हेरफेर के दावे सहित अन्य आरोपों को खारिज कर दिया तथा आग्रह किया कि ऐसी किसी भी शिकायत को ”जनता को मूर्ख बनाने और भड़काने” के लिए इस्तेमाल करने के बजाय निर्वाचन आयोग या अदालतों में ले जाया जाना चाहिए. गोपी ने विवाद के बीच अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया, लेकिन मीडिया के सवालों पर वह चुप रहे, जिससे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन को यह कहना पड़ा कि पार्टी उनकी ओर से जवाब देगी.
सुरेंद्रन ने त्रिशूर में संवाददाताओं से कहा, ”सुरेश गोपी को इस पर प्रतिक्रिया देने की कोई ज.रूरत नहीं है.” उन्होंने कहा कि जो लोग इससे असंतुष्ट हैं, उन्हें निर्वाचन आयोग (ईसीआई) या अदालतों का रुख करना चाहिए. उन्होंने यह भी पूछा कि त्रिशूर लोकसभा चुनाव से पहले जब कथित मतदाता सूची में हेराफेरी हुई थी, तब यूडीएफ और एलडीएफ क्या कर रहे थे. पार्टी ने गोपी की लोकसभा चुनाव में जीत से संबंधित आरोपों के विरोध में त्रिशूर पुलिस आयुक्त कार्यालय तक मार्च भी निकाला. दूसरी ओर, विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने इस मामले की व्यापक जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को जांच के लिए तैयार रहना चाहिए और राज्य सरकार को इसमें सहयोग करना चाहिए.
सतीशन ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के ठीक बाद यूडीएफ और एलडीएफ, दोनों ने शिकायत की थी कि लगभग 60,000 से 80,000 मतदाताओं को अवैध रूप से सूची में शामिल किया गया है, लेकिन जिला प्रशासन ने कहा कि एक बार नाम सूची में आ जाने के बाद कुछ नहीं किया जा सकता.
उन्होंने कहा, ”इसलिए यह कोई नया मुद्दा नहीं उठा रहे हैं. (कांग्रेस नेता) राहुल गांधी ने हाल ही में इस मुद्दे को उठाया है. इस पर पूरे देश में चर्चा हुई और इसीलिए त्रिशूर में जो हुआ, उसे अब उठाया जा रहा है.” इससे पहले, बुधवार को चंद्रशेखर ने आरोपों की सत्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये दावे गोपी के लोकसभा चुनाव जीतने के डेढ़ साल बाद किए जा रहे हैं. भाजपा नेता ने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों को निर्वाचन आयोग या अदालतों में शिकायत या चुनाव याचिका दायर करके उठाया जाना चाहिए.
उन्होंने तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया, ”वे ऐसा नहीं करते. इसके बजाय, वे झूठ बोलकर जनता को भड़काने या अपने दुष्प्रचार से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं. यह सब दिखावा है.” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन इस तरह के नाटक कर रहे हैं. गोपी त्रिशूर पहुंचे और एक भाजपा कार्यकर्ता से मिले, जो मंगलवार को एक विरोध प्रदर्शन में घायल हो गया था. त्रिशूर रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद मंत्री ने कांग्रेस और भाकपा के आरोपों के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया. अस्पताल में, उन्होंने बस इतना कहा, ”इतनी मदद के लिए शुक्रिया.” यह स्पष्ट नहीं था कि वह किसकी बात कर रहे थे.
छत्तीसगढ़ में हाल ही में दो नन की गिरफ्तारी के संबंध में अपनी चुप्पी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे गोपी ने एर्नाकुलम जिले के अंगमाली में उनमें से एक के घर का दौरा किया. कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी पर नए आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल होने के लिए झूठा शपथ पत्र जमा किया था.
इससे पहले, भाकपा नेता वी एस सुनील कुमार ने सोमवार को आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में स्पष्ट रूप से हेरफेर हुई थी, जिससे त्रिशूर निर्वाचन क्षेत्र में गोपी की जीत हुई. गोपी ने त्रिशूर सीट पर 74,000 से अधिक मतों के महत्वपूर्ण अंतर से जीत हासिल की थी. उन्होंने कुमार और कांग्रेस उम्मीदवार के मुरलीधरन को कड़े त्रिकोणीय मुकाबले में हराया था. इससे पहले, मंगलवार को केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने मतदाता सूची में व्यापक हेरफेर की खबरों के मद्देनजर, निर्वाचन आयोग से त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र में फिर से चुनाव कराने का आग्रह किया.
