कन्नूर (केरल). केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन द्वारा थालास्सेरी के आर्कबिशप जोसेफ पम्पलानी पर अवसरवाद का आरोप लगाने के बाद जुबानी जंग छिड़ गई है. कैथोलिक गिरजाघर ने माकपा नेता के इस बयान की कड़ी निंदा की है. उत्तरी केरल के कन्नूर जिले के तलिपरम्बा में सोमवार को एक गैर सरकारी संगठन,(एनजीओ) यूनियन के कार्यक्रम में गोविंदन ने कहा कि पम्पलानी बार-बार अपना राजनीतिक रुख बदलते रहते हैं.

गोविंदन ने कहा, ”जब छत्तीसगढ़ में ननों को गिरफ्तार किया गया, तो उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ बोला. जब उन्हें जमानत मिल गई तो उन्होंने अमित शाह और अन्य लोगों की तारीफ की. इस तरह के बदलते मिजाज से न तो ईसाई बचेंगे, न मुसलमान और न ही कम्युनिस्ट.” थालास्सेरी आर्कडायोसिस ने इस टिप्पणी की निंदा करते हुए इसे ”अपमानजनक” बताया और इसकी तुलना ”फासीवादी ताकतों” की बयानबाजी से की.

सोमवार देर रात जारी एक बयान में थालास्सेरी आर्कडायोसिस ने कहा कि यह कहना कि बिशप केवल ”एकेजी सेंटर” (माकपा का राज्य मुख्यालय) से ”निर्देश लेने के बाद ही बोल सकते हैं, एक छिपी हुई सत्तावादी मानसिकता को दर्शाता है. आर्कडायोसिस ने उन दावों को खारिज कर दिया कि आर्कबिशप ने छत्तीसगढ़ की घटना पर अपना रुख बदल दिया है. आर्कडायोसिस ने जोर देकर कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार और संघ परिवार के ”असंवैधानिक” कार्यों का लगातार विरोध किया है.

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