नयी दिल्ली. दिवंगत व्यवसायी संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि संजय की पूर्व पत्नी एवं अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चे गलत वर्तनी या पते के ”फर्जी” आधार पर उनकी वसीयत को चुनौती नहीं दे सकते.
प्रिया के वकील ने अदालत को बताया कि वसीयत को चुनौती देने का एकमात्र आधार यह है कि मृतक का मानसिक संतुलन ठीक न हो, या उस पर कोई दबाव हो या वह वसीयत को पूरा करने में असमर्थ हो.

वकील ने कहा, ”45 साल बाद, मुझे बताया गया है कि वसीयत को अमान्य करने के चार अतिरिक्त आधार हैं – गलत वर्तनी, गलत पता, वसीयत करने वाले की जगह वसीयतकर्ता लिख होना और गवाहों का नजदीकी होना.” वकील ने दलील दी कि क्या इनमें से किसी भी आधार पर वसीयत अमान्य हो जाएगी.

प्रिया कपूर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने न्यायमूर्ति ज्योति सिंह के समक्ष संजय कपूर के सौतेले बच्चों द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान यह दलील दी, जिसमें उनके पिता की कथित तौर पर 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति की वसीयत को चुनौती दी गई है.

अभिनेत्री के बच्चों – समायरा और कियान राज ने प्रिया कपूर और उनके बेटे, साथ ही मृतक की मां रानी कपूर और 21 मार्च, 2025 की वसीयत को कथित तौर पर तैयार करने वाली श्रद्धा सूरी मारवाह के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. नायर ने न्यायाधीश के समक्ष दावा किया कि वादी समायरा और कियान राज की पूरी शिकायत में कोई ठोस कारण नहीं था और वसीयत को कोई चुनौती नहीं दी गई थी.

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