राष्ट्रवाणी (रायपुर ब्यूरो): (Sadguru Riteshwar on Orgc Farming/Image Credit: IBC24 News) शिवरीनारायण: Sadguru Riteshwar on Orgc Farming: छत्तीसगढ़ के शिवरीनारायण में सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने विशेष बैलगाड़ी यात्रा निकालकर देश की खेती और भविष्य की खाद्य सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया।
उन्होंने आधुनिक कृषि व्यवस्था में डीजल, पेट्रोल, मशीनों और बाजार से मिलने वाले बीजों पर बढ़ती निर्भरता को लेकर चिंता जताई। गुरुदेव का कहना है कि अगर भविष्य में इन जरूरी संसाधनों की आपूर्ति बाधित हो गई तो खेती-किसानी के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एक साल तक डीजल नहीं मिला तो किसान खेत कैसे जोतेंगे और अनाज का उत्पादन कैसे करेंगे?
उनके मुताबिक, पहले खेती में बैलों की अहम भूमिका होती थी, लेकिन आधुनिक मशीनों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण पारंपरिक कृषि व्यवस्था पीछे छूटती जा रही है। इसलिए किसानों को खेती के पुराने और प्राकृतिक तरीकों को भी सुरक्षित रखना चाहिए। सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि देश की कृषि व्यवस्था को केवल आधुनिक मशीनों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।
अगर किसी कारण से डीजल और पेट्रोल की सप्लाई बंद हो जाती है तो ट्रैक्टर और दूसरी कृषि मशीनें काम करना बंद कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में खेतों की जुताई और फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने किसानों को अपने पारंपरिक बीज सुरक्षित रखने, बैलों का संरक्षण करने और खेती के वैकल्पिक साधनों को अपनाने की सलाह दी।
उन्होंने आने वाले दस वर्षों में संभावित खाद्य संकट को लेकर भी आगाह किया। गुरुदेव ने कहा कि ऐसी स्थिति आ सकती है, जब लोगों के पास पैसा, सोना और चांदी तो होंगे, लेकिन खाने के लिए अनाज जुटाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने पुरानी कहावत का उल्लेख करते हुए कहा- ‘बोरे भरकर नोट ले जाओगे तो मुट्ठी भर चावल और गेहूँ लेकर आओगे।’ गुरुदेव ने खेती में रासायनिक पदार्थों के बढ़ते इस्तेमाल और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई।
उन्होंने आशंका व्यक्त की कि मौजूदा परिस्थितियां जारी रहने पर भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य संकट और खतरनाक महामारियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से प्राकृतिक भोजन, गौ-आधारित खेती और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। उनका मानना है कि जैविक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में मदद मिल सकती है।
किसानों को भी खेती में प्राकृतिक तरीकों को प्राथमिकता देनी चाहिए। माता शबरी की पावन भूमि शिवरीनारायण से सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने गौ-आधारित जैविक खेती का देशव्यापी अभियान शुरू करने की योजना की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि । उन्होंने किसानों से घरों में बीजों का संरक्षण करने, गौवंश की सेवा करने और पारंपरिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।
इसके साथ ही उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सालय और आराधनालय स्थापित करने की परिकल्पना भी रखी। अपनी बैलगाड़ी यात्रा के जरिए गुरुदेव ने किसानों और देशवासियों को संदेश दिया कि खेती को आत्मनिर्भर बनाना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘अपना अन्न उगाओ, अपना खाओ।
बैलों की सेवा आप करो, बैल आपकी सेवा करें।’ उत्तर: उन्होंने छत्तीसगढ़ के शिवरीनारायण में विशेष बैलगाड़ी यात्रा निकालकर कृषि और खाद्य सुरक्षा का संदेश दिया। मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है।
पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ। Web Title: Sadguru Riteshwar on Orgc Farming: Will India face a hunger crisis? Sadguru Riteshwar Ji issues a major warning, expressing concern about the future. चौधरी कैफुलवरा के घर पहुंचे सीएम योगी, बेटे की शादी में हुए शामिल, नवदंपती को दिया आशीर्वाद प्रसिद्ध होम्योपैथी डॉक्टर रामरतन बनर्जी का निधन, सीएम योगी ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि इन दो विधायकों ने दिया पार्टी से इस्तीफा, विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लगा इस दल को तगड़ा झटका एक लाख दीपों से जगमगाएगा श्रीराम जन्मभूमि परिसर, पांच जोन में बांटकर की जा रही भव्य आयोजन की तैयारी कल अयोध्या दौरे पर रहेंगे सीएम योगी, दीपोत्सव की तैयारियों का लेंगे जायजा, सरयू आरती स्थल का करेंगे निरीक्षण नीता अंबानी ने किया ‘नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय’ का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर ‘तुम्हारे वालों का नाम भी टेढ़ा’, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण पर दिया विवादित बयान, देखें वीडियो महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार, ओमान से लाया गया भारत, कल होगी रायपुर में पेशी

