इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम की सबसे सफल कप्तानों में शुमार हेदर नाइट ने भारत के खिलाफ चल रहे ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट के बीच में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर सबको चौंका दिया है। लेकिन क्रिकेट के गलियारों में इसे एक गरिमापूर्ण विदाई नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश और बोर्ड के भीतर चल रही भयंकर कलह का नतीजा माना जा रहा है। कोई भी कप्तान अपने करियर के सबसे बड़े मुकाबले के बीच में इस तरह का आत्मघाती फैसला नहीं लेता, जब तक कि उसे बंदूक की नोक पर ऐसा करने के लिए मजबूर न किया जाए।
कहा जा रहा है कि टीम के युवा खिलाड़ियों और मैनेजमेंट के साथ नाइट के रिश्ते पिछले कुछ समय से बेहद तल्ख चल रहे थे। विदाई के इस ड्रामे को ‘निजी फैसला’ कहकर दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सच यह है कि इंग्लैंड का क्रिकेट सिस्टम अपने ही दिग्गजों का सम्मान करना भूल चुका है। एक तरफ जहां पुरुष टीम के कोच को निकाला गया, वहीं दूसरी तरफ महिला टीम की कप्तान को इस कदर मजबूर कर दिया गया कि उन्होंने मैदान के बीच से ही अपने हाथ खड़े कर दिए। यह महिला क्रिकेट के इतिहास का एक काला दिन है, जहां एक महान खिलाड़ी को अपने करियर का अंत इस तरह एक रहस्यमयी ड्रामे के साथ करना पड़ा।
