पटना: बिहार दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी लालू प्रसाद यादव का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्हें निशाने पर जरूर रखा। अपने संबोधन का अंत करते-करते प्रधानमंत्री ने यह भी बता दिया कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने डॉ. आंबेडकर के अपमान के बाद माफी क्यों नहीं मांगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीवान के जसौली में जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कई बार जंगलराज शब्द का प्रयोग और कांग्रेस-राजद पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने नौजवानों को जंगलराज की याद दिलाई। इसके बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के जन्मदिन पर बाबा साहब डॉ. भीम राव आंबेडकर के अपमान के मुद्दे को भी उठाया। पीएम मोदी ने कहा कि राजद वालों ने बाबा साहेब का अपमान किया है और माफी भी नहीं मांग रहे हैं। राजद और कांग्रेस वाले खुद को बाबा साहब से बड़ा दिखाना चाहते हैं इसलिए उनकी तस्वीर को पैरे के सामने रखने हैं। लेकिन, मोदी बाबा साहब को दिल में रखता है। बिहारवासी बाबा साहब के इस अपमान को नहीं भूलेगा।

किस तरह से राजद वालों ने बाबा साहेब का अपमान किया

पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि हमलोग कहते हैं सबका साथ और सबका विकास लेकिन लालटेन और पंजे वाले कहते हैं परिवार का साथ और परिवार का विकास। इनकी राजनीति कुल जमापूंजी यही है कि अपने-अपने परिवारों के हित के लिए यह करोड़ों परिवारों का अहित करने से नहीं चूंकते हैं। बाबा साहब आंबेडकर भी इस प्रकार की राजनीतिक के खिलाफ थे। इसलिए यह लोग कदम-कदम पर बाबा साहब का अपमान करते हैं। अभी देश ने देखा कि किस तरह से राजद वालों ने बाबा साहब का अपमान किया। राजद वालों ने बाबा साहेब की तस्वीर के साथ क्या किया? यह सबने देखा है।

खुद को बाबा साहेब से भी बड़ा दिखना चाहते हैं

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार में पोस्टर लगे हैं कि बाबा साहब के अपमान पर माफी मांगों। लेकिन, यह लोग माफी नहीं मांगेंगे। क्योंकि इनके मन में दलित, महादलित, पिछड़ों और अतिपिछड़े के लिए कोई सम्मान नहीं है। राजद और कांग्रेस वाले बाबा साहब की तस्वीर को अपने पैरों में रखते है। लेकिन, मोदी बाबा साहब को अपने दिल में रखता है। बाबा साहेब का अपमान कर वह लोग खुद को बाबा साहब से भी बड़ा दिखना चाहते हैं। बिहार के लोग बाबा साहब का अपमान कभी नहीं भूलेंगे। बिहारवासी इस अपमान को हमेशा याद रखेंगे।

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