राष्ट्रवाणी: महान गायिका लता मंगेशकर ने 68 साल पहले असम की लोक संस्कृति से प्रेरित एक कल्ट गाना गाया था। लता मंगेशकर का पुराना गाना (फोटो क्रेडिट- फेसबुक) लता मंगेशकर ने गाया था ये देहाती गीत अभिनेत्री वैजयंती माला पर गया था फिल्माया एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। स्वर कोकिला के तौर पर महान सिंगर लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) को जाना जाता था।

बेशक आज वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा गाए शानदार गीतों की गूंज हमारे दिलों में बसती है। अपने सुनहरे गायिकी करियर के दौरान लता दीदी ने कई ऐसे गाने गाए थे, जो आज भी अमर हैं। इस आधार पर हम आपको लता मंगेशकर द्वारा गाए गए 68 साल पुराने एक ऐसे गीत के बारे में बताने जा रहे हैं, जो असम की लोक संस्कृति से जुड़ा था।

आइए जानते हैं कि वह कौन सा सॉन्ग है। हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे गाने मौजूद हैं, जिनको देहाती भाषा या संगीत के कल्चर से प्रेरित किया गया था। इस मामले में लता मंगेशकर का भी एक गाना शामिल होता है, जो उन्होंने साल 1958 में आई अभिनेता दिलीप कुमार और अभिनेत्री वैजयंती माला की फिल्म मधुमती के लिए गाया था।

उस गीत के बोल थे- चढ़ गयो पापी बिछुआ… (Chadh Gayo Papi Bichhua)। सिंगर लता मंगेशकर की मधुर आवाज में चढ़ गयो पापी बिछुआ.. गाना आज भी अमर है। इस गीत को देखने और सुनने पर आपको ये पता लगेगा कि इसमें असम की लोक संस्कृति बिहू का मेल झलकता है।

बिहू संगीत से प्रेरित होकर वैजयंती माला का ये कल्ट गाना बनाया गया था। स्वर कोकिला द्वारा गाए गए लोक गीतों में इस सॉन्ग का नाम भी टॉप पर शामिल होता है। गौर किया जाए फिल्म मधुमती के चढ़ गयो पापी बिछुआ… सॉन्ग की मेकिंग की तरफ तो लता मंगेशकर की गायिकी के अलावा इस देहाती पृष्ठभूमि को गीत को मशहूर संगीतकार सलिल चौधरी ने अपने संगीत की धुनों के दम पर तैयार किया था।

इतना ही नहीं हिंदी सिनेमा के दिग्गज गीतकार रहे शैलेंद्र बाबू की कलम से इसके लिरिक्स निकले थे। 68 साल पहले आई सुपरहिट फिल्म मधुमती के चढ़ गयो पापी बिछुआ… गाने में सिर्फ लता मंगेशकर ने ही अपनी आवाज का जादू नहीं बिखेरा था, जबकि मेल प्लेबैक सिंगर के तौर पर महान गायक मन्ना डे ने भी अपनी मधुर आवाज दी थी।

उन्होंने दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार के लिए अपनी गायिकी के सुर छेड़े थे।

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