राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, महासमुंद। कोमाखान तहसील के ग्राम झिटकी में रविवार देर रात तेंदुए ने घर में घुसकर सो रहे एक ही परिवार के आठ सदस्यों पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से घर में अफरातफरी मच गई।
तेंदुए के हमले में परिवार के सभी आठ लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण तेंदुए की लगातार मौजूदगी को लेकर चिंतित हैं। जानकारी के मुताबिक, घटना के वक्त परिवार के सदस्य घर में सो रहे थे।
इसी दौरान तेंदुआ घर के अंदर पहुंच गया और अचानक लोगों पर हमला शुरू कर दिया। हमले में सरजू यादव (60), उनकी पत्नी उत्तरीबाई यादव (55), जनकराम (40), जनकराम के पुत्र मनीष (18), सुनीता यादव (34) और तुषार (15) समेत आठ लोग घायल हुए हैं। दो अन्य घायलों के नाम फिलहाल सामने नहीं आए हैं।
तेंदुए के अचानक हमले से घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर स्वजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा ले जाया गया।
यहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल महासमुंद रेफर कर दिया गया। बताया गया कि बागबाहरा अस्पताल में आवश्यक वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण घायलों को आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। झिटकी में हुई इस घटना से एक दिन पहले पंडरीपानी गांव में भी तेंदुए ने एक व्यक्ति पर करारा जवाब देते हुए तीखा हमला बोला था।
लगातार दो दिनों में तेंदुए के हमले की घटनाएं सामने आने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में डर बढ़ गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
टीम क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रख रही है। लगातार सामने आ रहे हमलों ने ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही और लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
