नयी दिल्ली. कर्नाटक के मंगलुरु में पिछले महीने हमलावरों के एक समूह द्वारा हिंदू कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) करेगा. आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संघीय आतंकवाद रोधी एजेंसी से शेट्टी की ”लक्षित हत्या” से संबंधित मामले की जांच करने को कहा है जिसका उद्देश्य ”लोगों के मन में आतंक पैदा करना” था.

सूत्रों ने इस संबंध में गृह मंत्रालय के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि हत्या मामले में शामिल आरोपी कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्य हैं. एक सूत्र ने बताया, ”एनआईए को मामले की जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से आदेश प्राप्त हुआ है. मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है.” उन्होंने गृह मंत्रालय के आदेश के हवाले से बताया कि अपराध की गंभीरता, इसके राष्ट्रीय प्रभाव तथा बड़ी साजिश का पता लगाने की आवश्यकता के कारण एनआईए जांच आवश्यक है.

शेट्टी की हत्या एक मई को मंगलुरु के बाहरी इलाके बाजपे के किन्नीपदावु में कर दी गई थी. घटना के समय वह अपने साथियों के साथ एक वाहन में सवार था, तभी एक कार और एक पिकअप वाहन में सवार होकर आए पांच-छह हमलावरों ने उसे रोक लिया. पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने शेट्टी पर धारदार हथियारों से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. यह पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गई. तस्वीरों से जानकारी मिली कि हमलावरों ने शेट्टी पर दाव (धारधार हथियार)और तलवारों से हमला किया था.

स्थानीय पुलिस के अनुसार, शेट्टी कथित तौर पर विभिन्न स्थानीय हिंदूवादी समूहों से जुड़ा हुआ था और उसके खिलाफ हमला, हत्या और गैरकानूनी ढंग से एकत्र होने सहित कई मामले दर्ज थे. कर्नाटक पुलिस ने तीन जून को शेट्टी हत्याकांड के मुख्य आरोपी को कथित तौर पर षडयंत्र रचने और शरण देने के आरोप में मंगलुरु निवासी अब्दुल रजाक (59) को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक इस मामले में अबतक कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार, रजाक मुख्य आरोपियों में से एक मोहम्मद मुजम्मिल का पिता है और मामले के एक अन्य संदिग्ध नौसाद वामनजूर उर्फ छोटे नौसाद का ससुर है.

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