राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, रायपुर। आजकल बाजारों, मेलों और सड़कों के किनारे दांतों को तुरंत सफेद और चमकदार बनाने का दावा करने वाले कई तरह के केमिकल प्रोडक्ट्स और पाउडर खुलेआम बेचे जा रहे हैं। कम कीमत और आकर्षक प्रचार के झांसे में आकर आम लोग बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के इन उत्पादों का अंधाधुंध इस्तेमाल करने लगते हैं। दंत चिकित्सक डॉ. रीनू बारले के अनुसार, यह लापरवाही दांतों और मसूड़ों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है और इसके गंभीर दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इन सड़क छाप उत्पादों में कई बार अत्यधिक तेज रसायन, खतरनाक अम्लीय पदार्थ या जरूरत से ज्यादा मात्रा में ब्लीचिंग एजेंट मिलाए जाते हैं। इनके लगातार या बार-बार उपयोग से दांतों की सबसे ऊपरी सुरक्षात्मक परत यानी ‘एनामेल’ को भारी क्षति पहुंचती है। एनामेल कमजोर होने पर दांतों में संवेदनशीलता (सेंसिटिविटी) तेजी से बढ़ जाती है, जिससे कुछ भी ठंडा या गर्म खाने-पीने पर तेज झनझनाहट होने लगती है। इसके अलावा मसूड़ों में जलन, सूजन और असहनीय दर्द जैसी समस्याएं भी पैदा हो जाती हैं, और कुछ मामलों में तो दांत कमजोर होकर टूटने तक लगते हैं। यह जानना बहुत जरूरी है कि दांतों का पीलापन हमेशा केवल गंदगी की वजह से ही नहीं होता है। इसके पीछे तंबाकू, धूम्रपान, खान-पान की गलत आदतें, कुछ विशेष दवाओं का प्रभाव या दांतों की अन्य अंदरूनी बीमारियां भी बड़ा कारण हो सकती हैं। यही वजह है कि केवल थोड़े समय की बाहरी चमक के लिए बिना किसी चिकित्सीय जांच के किसी भी तरह की केमिकल दवा या पाउडर का उपयोग करना बिल्कुल भी उचित नहीं है। दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी सावधानियों का पालन करना चाहिए। दिन में दो बार सही तरीके से ब्रश करें, तंबाकू और गुटखा जैसे नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें और समय-समय पर किसी योग्य दंत चिकित्सक से अपने दांतों की जांच करवाते रहें। यदि दांतों की सफेदी या अन्य किसी समस्या का उपचार कराना हो, तो हमेशा डेंटिस्ट की सलाह के बाद ही कोई दवा या प्रक्रिया अपनाएं।

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