नयी दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कथित तौर पर महादेव सट्टेबाजी घोटाले के लाभार्थियों में से एक थे. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. ईडी की यह रिपोर्ट अब सीबीआई की प्राथमिकी का हिस्सा है. सीबीआई ने छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की प्राथमिकी को भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), धोखाधड़ी (420) और छत्तीसगढ़ जुआ (निषेध) अधिनियम के तहत अपने मामले के रूप में फिर से पंजीकृत किया है.

प्राथमिकी में बघेल को 19 नामजद आरोपियों में से छठे नंबर के आरोपी के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है. बघेल ने आरोपों से इनकार किया है और सीबीआई की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पिछले साल 18 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज की थी और 26 मार्च को बघेल के आवास पर छापेमारी की थी. प्राथमिकी मंगलवार को सार्वजनिक की गई. राज्य सरकार द्वारा सीबीआई को भेजे गए मामलों की प्रक्रिया के अनुसार, एजेंसी राज्य पुलिस की प्राथमिकी को अपने मामले के रूप में पुन? पंजीकृत करती है. छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा की प्राथमिकी, जिसे राज्य सरकार द्वारा सीबीआई को भेजा गया था, राज्य पुलिस को दी गई प्रवर्तन निदेशालय की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई थी.

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