महाकुंभ नगर. महाकुंभ में आम दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और सोमवार को शाम आठ बजे तक 1.35 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई. मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को शाम आठ बजे तक 1.35 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया, जबकि 13 जनवरी से अभी तक कुल 54.31 करोड़ से अधिक लोग महाकुंभ में स्नान कर चुके हैं.

इस बीच, सोमवार को आम श्रद्धालुओं के साथ ही कई केंद्रीय मंत्रियों और अन्य विशिष्ट लोगों ने भी संगम में डुबकी लगाई जिनमें केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉक्टर मनसुख मांडविया, केंद्रीय राज्यमंत्री एस.पी. सिंह बघेल और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस शामिल थे.

केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा, “अभी तक 53 करोड़ लोग यहां आकर स्नान कर चुके हैं. यहां इतने व्यापक स्तर पर स्नान ईश्वर की कृपा से हो रहा है.” केंद्रीय राज्यमंत्री एस पी सिंह बघेल ने कहा, “आज महाकुंभ में स्नान करने का अवसर पाकर मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं. यह ईश्वर की कृपा और जीवन का एक महत्वपूर्ण क्षण है.” बघेल ने इस्कॉन और अदाणी समूह द्वारा महाकुंभ मेले में चलाए जा रहे प्रसाद वितरण में भी हाथ बंटाया.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने संगम में स्नान करने के बाद कहा, “महाकुंभ भारत की महान संस्कृति और परंपराओं का सर्वोत्तम उदाहरण है. यह सभी भारतीयों के लिए गर्व की बात है कि दुनिया का सबसे बड़ा जनसमूह यहां स्वेच्छा से आकर स्नान कर रहा है.” पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा नेता दिवंगत अरुण जेटली के पुत्र एवं दिल्ली एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहन जेटली ने भी पत्नी के साथ संगम में डुबकी लगाई.

जेटली ने कहा, “अपनी पत्नी के साथ महाकुंभ का दिव्य अनुभव प्राप्त कर धन्य और सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं. इस विशाल आयोजन और अपार जनसमूह के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने अत्यंत कुशल और उत्कृष्ट प्रबंधन किया है.” पूर्व क्रिकेटर आरपी सिंह ने संगम में स्नान करने के बाद कहा, “यह मेरा दूसरा कुंभ है. यहां दोबारा आकर और कुंभ में स्नान का अवसर पाकर मैं स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं. यह अकल्पनीय है कि 50 करोड़ लोगों को कैसे संभाला जा सकता है.”

सोमवार को आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश ने भी परिवार के साथ संगम में स्नान किया. नारा लोकेश ने कहा, “महाकुंभ का अनुभव जीवन में एक बार मिलने वाला अनमोल क्षण है. पवित्र संगम में डुबकी लगाते हुए मैंने अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस की.”

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