ठाणे: महाराष्ट्र में वर्ष 2012 से भ्रष्टाचार के मामलों में जांच का सामना कर चुके 173 सरकारी कर्मचारियों को अब तक निलंबित नहीं किया गया है। राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई।

रिपोर्ट के अनुसार, एक जनवरी 2012 से 31 जनवरी 2025 तक भ्रष्टाचार के मामलों में प्रथम श्रेणी के 30, द्वितीय श्रेणी के 29, तृतीय श्रेणी के 106 और चतुर्थ श्रेणी के आठ कर्मचारियों के खिलाफ जांच की गई, लेकिन उन्हें अब तक निलंबित नहीं किया गया है। रिपोर्ट शनिवार को जारी की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अधिक 46 मामले मुंबई रेंज में दर्ज किए गए जबकि ठाणे में 38, औरंगाबाद में 22, पुणे में 18, नासिक में 16, नागपुर में 12, अमरावती में 11 और नांदेड़ में 10 मामले सामने आए।

निलंबन के सबसे अधिक 41 लंबित मामले शिक्षा और खेल विभाग से हैं, जबकि शहरी विकास-दो (नगर परिषद एवं नगर निगम) में 36 और पुलिस, जेल तथा होम गार्ड विभाग में 25 मामले लंबित हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराए गए 22 सरकारी कर्मचारी अब तक बर्खास्त नहीं किए गये। इनमें से ज्यादातर तृतीय श्रेणी के अधिकारी हैं।

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