एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी का दबदबा एक बार फिर देखने को मिला। पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में अपना 21वां गोल्ड हासिल किया और पुरुष हॉकी में लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का इतिहास रच दिया।
फाइनल मुकाबले में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे। उन्होंने 11वें और 57वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया। उनके अलावा जुगराज सिंह ने 23वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से भारत के लिए गोल किया।
तीसरे क्वार्टर में हार्दिक सिंह ने 42वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल कर भारत की बढ़त मजबूत कर दी। इसके बाद 54वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने फील्ड गोल दागते हुए भारत का स्कोर 5-1 कर दिया।
मलेशिया की ओर से एकमात्र गोल शेलो सिल्वरियस ने 14वें मिनट में फील्ड गोल के जरिए किया। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने मलेशियाई खिलाड़ियों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
इस जीत की खास बात यह भी रही कि भारत ने पहली बार लगातार दो एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का गोल्ड मेडल जीता है। इसके अलावा एक ही एशियन गेम्स संस्करण में पहली बार भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।
शनिवार को भारत ने मेंस क्रिकेट, आर्चरी, गोल्फ और कुश्ती में भी एक-एक गोल्ड जीता। पुरुष हॉकी के इस स्वर्ण के साथ भारत के खाते में कुल 21 गोल्ड समेत 85 मेडल हो गए हैं और मेडल टैली में भारत चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
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