नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया और किसानों की जमीन हड़पी, उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “ईमानदार सरकार” सलाखों के पीछे डालेगी. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगर गांधी परिवार ने जनता के पैसे से अपना खजाना भरा है तो उनसे एक-एक पैसा वसूला जाएगा.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड मामले में कथित तौर पर 988 करोड़ रुपये के धनशोधन के लिए यहां एक विशेष अदालत में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है. इस बीच, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाद्रा 2008 के हरियाणा भूमि सौदे में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन ईडी के समक्ष पेश हुए.

भाटिया ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार का संकल्प भ्रष्टाचार को खत्म करना, भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे डालना और किसानों को उनकी हड़पी गई जमीन वापस दिलाना है. अगर गांधी परिवार ने जनता के पैसे से अपना खजाना भरा है तो उनसे एक-एक पैसा वसूला जाएगा.” उन्होंने कहा, “रॉबर्ट वाद्रा को लगता है कि वह देश के कानून से ऊपर हैं. उन्हें यह एहसास नहीं है कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली एक ईमानदार सरकार है, जिसके तहत जांच एजेंसियां ?अब ‘पिंजरे में बंद’ तोता नहीं हैं.”

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मोदी सरकार के तहत केंद्रीय जांच एजेंसियां “ईमानदार बाज.” हैं और वे “भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसती हैं” और यह भी सुनिश्चित करती हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों में जमानत पर बाहर आए लोगों को जेल भेजा जाए. भाटिया ने कहा कि मोदी सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशील की नीति के तहत भ्रष्ट लोगों के खिलाफ “एक भीषण युद्ध” छेड़ा गया है. उन्होंने कहा, “देश के लोगों को अब ईमानदार सरकार की ताकत का एहसास हो रहा होगा.” कांग्रेस ने बुधवार को सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को प्रतिशोध की राजनीति बताया.

वाद्रा ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उन्हें गांधी परिवार का हिस्सा होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि देश के लोग “जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं करते.” भाजपा प्रवक्ता ने गांधी परिवार और वाद्रा के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को बदले की राजनीति बताने के लिए कांग्रेस की आलोचना की और कहा कि अगर ऐसा होता तो उन्हें उच्चतम न्यायालय से राहत मिल जाती.

भाटिया ने कहा, ”लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली.” उन्होंने आरोप लगाया, “जहां बहनोई और भू-माफिया रॉबर्ट वाद्रा ने जमीन हड़प ली, वहीं विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम नेशनल हेराल्ड मामले में आया, सोनिया गांधी का नाम वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में आया और राजीव गांधी का नाम बोफोर्स घोटाले में आया… गांधी परिवार ‘खानदानी’, भ्रष्ट और चोर है.” भाजपा नेता ने दावा किया कि हरियाणा भूमि सौदा मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के इशारे पर तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने वाद्रा को लाभ पहुंचाने के लिए कानूनों का उल्लंघन किया था.

उनके मुताबिक, “रॉबर्ट वाद्रा ने कहा है कि वह एक कठिन लक्ष्य हैं. वह कोई कठिन लक्ष्य नहीं बल्कि एक दुर्दांत अपराधी हैं. और हमारी सरकार ऐसे दुर्दांत अपराधियों को सलाखों के पीछे डालने के लिए प्रतिबद्ध है.” भाटिया ने वाद्रा द्वारा खुद को जन नेता कहने पर भी कटाक्ष करते हुए कहा, “लोगों और किसानों की नजर में वह एक बड़े पैमाने पर जमीन हड़पने वाले व्यक्ति हैं.” उन्होंने वाद्रा पर जांच एजेंसी को यह कहकर “खुलेआम धमकाने” का प्रयास करने का भी आरोप लगाया कि समय बदलने पर उन्हें भी कष्ट उठाना पड़ेगा.
भाजपा नेता ने राहुल गांधी का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा, “भ्रष्टाचारियों के लिए सही जगह सलाखों के पीछे है, चाहे वह किसी भी परिवार से संबंधित हो. और यह उस व्यक्ति पर भी लागू होता है जो फर्जी उपनाम रखकर खुद को कानून से ऊपर समझता है.”

ममता अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव की वजह से ‘दंगाइयों’ को बचा रहीं : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राज्य में मुस्लिम मौलवियों के साथ बैठक को लेकर बृहस्पतिवार को आलोचना की. केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी ने ममता पर अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अल्पसंख्यक समुदाय को खुश करने के लिए ”दंगाइयों” को संरक्षण देने का आरोप लगाया.

ममता ने बुधवार को कोलकाता में मुस्लिम मौलवियों के साथ एक बैठक को संबोधित करते हुए मुर्शिदाबाद जिले में हाल की सांप्रदायिक हिंसा को ‘पूर्व नियोजित’ करार दिया. उन्होने सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय एजेंसियों और भाजपा पर बाहरी लोगों को बुलाकर और बांग्लादेश से घुसपैठ कराकर तनाव पैदा करने का आरोप लगाया.

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया, ”(सांप्रदायिक हिंसा के) पीड़ितों के साथ रहने के बजाय मुख्यमंत्री तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं और दंगाइयों को संदेश दे रही हैं कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वह उनके साथ हैं.” भाटिया ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ‘अपने समुदाय’ के सदस्यों को एक ‘बड़ा संदेश’ देने के लिए दंगाइयों को संरक्षण दे रही हैं.
उन्होंने कहा, ”भाजपा हिंदू समाज और हर पीड़ित परिवार के साथ मजबूती के खड़ी है. हम सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें न्याय मिले.”

भाटिया ने पश्चिम बंगाल में वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लागू करने से इनकार करने के लिए भी बनर्जी की आलोचना की. उन्होंने सवाल किया कि जब उक्त कानून संसद द्वारा पारित किया जा चुका है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सहमति के बाद केंद्र द्वारा अधिसूचित किया गया है तो संविधान की शपथ लेने वाली एक मुख्यमंत्री ऐसा कैसे कह सकती हैं. भाटिया की यह टिप्पणी मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ कानून को लेकर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद आई है, जिसमें पिछले सप्ताह कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.

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