राष्ट्रवाणी: रिलायंस रिटेल और जापान की 7-इलेवन भारत में अपनी पांच साल की फ्रैंचाइज़ी साझेदारी खत्म कर रहे हैं, जिससे लगभग 60 सुविधा स्टोर बंद हो जाएंगे। रिलायंस रिटेल और 7-इलेवन की साझेदारी समाप्त हो रही है। भारत में लगभग 60 सुविधा स्टोर बंद किए जाएंगे।
मुनाफा ना होना और क्विक कॉमर्स से प्रतिस्पर्धा मुख्य कारण। नई दिल्ली। देश के दिग्गज कारोबारी समूह रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जापान स्थित एक फर्म के साथ अपनी साझेदारी खत्म करने वाले हैं।
दरअसल, रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) और 7-इलेवन, भारत में अपना पांच साल का फ्रैंचाइज़ी समझौता समाप्त कर रहे हैं और पार्टनरशिप के तहत संचालित लगभग 60 सुविधा स्टोरों में से अधिकांश को बंद कर रहे हैं। ईटी की एक रिपोर्ट में मामले से परिचित लोगों ने यह दावा किया है। इन सूत्रों का कहना है कि मुनाफा नहीं होने की वजह से यह बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।
उन्होंने बताया कि कुछ आउटलेट बंद होने से पहले अपना स्टॉक खाली कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, 7-Eleven बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए किसी अन्य भारतीय साझेदार की तलाश कर सकता है, हालांकि अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। रिलायंस रिटेल ने अक्टूबर 2021 में 7-इलेवन के साथ भारत में इसके स्टोर्स संचालित करने के लिए डील की थी और मुंबई में अपना पहला स्टोर खोला था।
हालांकि, अब उम्मीद के मुताबिक मुनाफा नहीं होने के कारण इस साझेदारी को खत्म कर दिया गया है। भारत में ‘कन्वीनियंस स्टोर’ मॉडल को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और उनका तेजी से हो रहा विस्तार है।
ग्राहकों को 10-15 मिनट में घर बैठे ग्रोसरी और स्नैक्स मिल रहे हैं, जिससे उन्हें फिजिकल कन्वीनियंस स्टोर पर जाने की जरूरत महसूस नहीं हो रही। देश में पारंपरिक ‘किराना’ दुकानों का नेटवर्क पहले से ही बहुत मजबूत है। इसके अलावा, 7-इलेवन जैसे अंतरराष्ट्रीय स्टोर्स की खासियत वहां मिलने वाला रेडी-टू-ईट प्रीमियम खाना और स्नैक्स होते हैं।
भारतीय बाजार में मूल्य संवेदनशीलता के कारण यह प्रीमियम मॉडल बड़े पैमाने पर सफल नहीं हो पाया। बता दें कि भारत में 7-इलेवन ब्रांड को लाने का पहला एग्रीमेंट 2019 में फ्यूचर ग्रुप ने किया था। फ्यूचर ग्रुप के कर्ज में डूबने और डील टूटने के बाद रिलायंस ने इस ब्रांड को भारत में लॉन्च करने का जिम्मा उठाया था, लेकिन अब यह मॉडल भी भारतीय बाजार की कड़ी प्रतिस्पर्धा के आगे टिक नहीं सका।

