राष्ट्रवाणी: रायपुर 08 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज शाम यहां राजधानी रायपुर के महोबा बाजार स्थित एक निजी होटल में आयोजित आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज के युवा मंच कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब छत्तीसगढ़ समन्वित रूप से प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर है। सरगुजा से लेकर बस्तर तक पूरे प्रदेश के लक्ष्यकेंद्रित विकास के लिए सरकार संकल्पित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए विशिष्टजनों सम्मानित किया। युवा मंच कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा थी। हमारी सरकार के गठन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद विषय पर हुई बैठक में यह तथ्य हमारे सामने आया कि देश में शेष नक्सल समस्या का अधिकांश हिस्सा छत्तीसगढ़ में ही था। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से एक डेडलाइन तय हुई और हमारे सुरक्षाबल के जवानों ने अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बना दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के विकास की अपार संभावना है। बस्तर का चित्रकोट जलप्रपात नियाग्रा के नाम से प्रसिद्ध है। धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया है। वहाँ बम्बू राफ्टिंग जैसी पर्यटन गतिविधियां संचालित हैं और होम स्टे में पर्यटक आकर रुक रहे हैं। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई उद्योग नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार युवाओं से लगातार संवाद कर रही है। उनके सभी सुझावों का स्वागत है। युवा ही हमारे देश का भविष्य हैं। विकास की नीति निर्माण में युवाओं के सुझाव महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बहुल राज्य है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई ने जनजातीय विकास के लिए आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में छत्तीसगढ़ के 6 हजार गांवों को शामिल किया गया है। हमारे प्रदेश में 5 विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं, जिनके उत्थान के लिए हम कटिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के बिना विकास संभव नहीं है। आज छत्तीसगढ़ में हर स्तर पर स्कूल संचालित हैं। हर ब्लॉक में कॉलेज हैं। बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद वहां एजुकेशन सिटी बनायी जा रही है। इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है।राज्य में शिक्षा मिशन पर भी काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के निकटवर्ती राज्यों में भी आदिवासी बहुलता है, इसे देखते हुए हमारा प्रयास है कि राज्य में ट्राइबल यूनिवर्सिटी भी स्थापित हो। जिसका लाभ इस क्षेत्र के जनजातीय बच्चों को मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। आज हमारे प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। पांच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिल गई है। जिनमें कुल 250 सीटें स्वीकृत हुई हैं और इसी वर्ष से पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। बस्तर में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बन गया है। अब वहां ब्रेन ट्यूमर का भी इलाज हो रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। 40 हजार लोगों का उपचार भी हुआ है। बस्तर मुन्ने और नियद नेल्लानार योजना के तहत लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज के पदाधिकारीगण तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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