कोलकाता. रक्षा क्षेत्र के पीएसयू (सार्वजनिक उपक्रम) ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड’ ने बृहस्पतिवार को आधुनिक युद्धपोत हिमगिरि को भारतीय नौसेना को सौंप दिया. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. जीआरएसई अधिकारी ने कहा कि यह भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 17ए के तहत जीआरएसई द्वारा बनाए जा रहे तीन ऐसे युद्धपोतों में से पहला है.

पूर्वी नौसेनिक कमान के मुख्य स्टॉफ अधिकारी (तकनीकी) रीयर एडमिरल रवनीश सेठ ने यहां नौसेना की ओर से युद्धपोत को प्राप्त किया. अधिकारी ने कहा कि ये 149 मीटर लंबे और 6,670 टन वजनी युद्धपोत जीआरएसई द्वारा निर्मित सबसे बड़े और अत्याधुनिक निर्देशित मिसाइल युद्धपोत हैं.

उन्होंने बताया कि तीनों पोत की कीमत 21,833.36 करोड़ रुपये से अधिक है. उन्होंने एक बयान में कहा कि हिमगिरि पर ब्रह्मोस मिसाइल और बराक 8 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल तैनात हैं. अधिकारी ने कहा कि हिमगिरि कोलकाता स्थित जीआरएसई द्वारा निर्मित और वितरित किया गया 112वां युद्धपोत है.

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