नई दिल्ली: पहला स्वदेशी रूप से निर्मित गोताखोरी सहायता पोत बुधवार को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया है। यह पोत गहरे समुद्री में गोताखोरी और बचाव अभियान चला सकती है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया, यह पोत गहरे पानी में बचाव कार्य करने वाली पनडुब्बी (डीएसआरवी) के लिए ‘मदर शिप’ यानी मुख्य जहाज के रूप में भी काम करेगा, ताकि पनडुब्बी में किसी आपातकाल की स्थिति में कर्मियों को बचाने और निकालने में मदद मिल सके।
