राष्ट्रवाणी: ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर 2’ (Gangs Of Vasseypur 2) में नवाजुद्दीन ने मुख्य किरदार फैजल खान की भूमिका निभाई थी। गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 ने पलटी थी नवाजुद्दीन की किस्मत फिल्म के बाद नवाजुद्दीन को मिली थीं 200 स्क्रिप्ट्स एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी बेहतरीन एक्टिंग से इंडस्ट्री में अपनी एक खास जगह बनाई है, जिससे उन्हें क्रिटिक्स की तारीफ और दर्शकों का प्यार दोनों मिला है।

लेकिन इस एक्टर के करियर में एक फिल्म ऐसी थी जिसने उनके करियर को एक नया मोड़ दिया और उन्हें पहली बार स्टार जैसा महसूस कराया। वो फिल्म थी ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर 2’ है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) ने हाल ही में अनुराग कश्यप की डायरेक्ट की गई इस फिल्म का उनके प्रोफेशनल जीवन पर पड़े असर के बारे में बात की।

उन्होंने फिल्म की रिलीज के बाद उन्हें मिलने वाले काम में आए जबरदस्त बदलाव को भी याद किया। जब उनसे पूछा गया कि किस फिल्म ने उन्हें स्टार जैसा महसूस कराया, तो एक्टर ने कहा, ‘बेशक, वह ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर 2’ ही है’। एक्टर ने बताया कि फिल्म की रिलीज के बाद उन्हें लगभग 200 स्क्रिप्ट्स मिलीं।

सबसे दिलचस्प बात यह थी कि प्रोड्यूसर्स अपनी फीस तय करने का फैसला पूरी तरह उन पर छोड़ने को तैयार थे। नवाज ने एनडीटीवी को बताया, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 (Gangs Of Wasseypur) के रिलीज होने के बाद, मुझे कम से कम 200 स्क्रिप्ट मिलीं। मेरी टेबल पर ब्लैंक चेक रखे होते थे।

लोग कहते थे, ‘ये रही स्क्रिप्ट और ये रहा ब्लैंक चेक। आप जो चाहें वो रकम भर दें और जो भी तारीखें उपलब्ध हों, वो हमें दे दें।’ ऐसी आजादी मिलने के बावजूद नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने अगले प्रोजेक्ट के लिए जल्दबाजी न करने का फैसला किया। एक्टर ने बताया कि उन्हें कोई भी स्क्रिप्ट इतनी दमदार नहीं लगी कि वे उसे साइन कर सकें।

उन्होंने कहा, ‘मैंने उन स्क्रिप्ट्स में से एक भी नहीं चुनी क्योंकि मुझे उनमें से कोई भी पसंद नहीं आई। मैंने तय किया कि मैं सही स्क्रिप्ट का इंतजार करूंगा। भगवान की कृपा से, मुझे ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा, क्योंकि जल्द ही मुझे कुछ बहुत अच्छी फिल्में मिलने लगीं’।

गैंग्स ऑफ वासेपुर दो पार्ट में बनी थी इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अलावा मनोज बाजपेयी, पंकज त्रिपाठी, जयदीप अहलावत, हुमा कुरैशी, ऋचा चड्ढा, राजकुमार राव, जीशान कादरी, तिग्मांशु धुलिया और पीयूष मिश्रा भी थे। यह 2012 में रिलीज हुई थी और भारतीय सिनेमा की एक कल्ट फिल्म बनकर उभरी।

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