रायपुर। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की नई रिपोर्ट 2023 में छत्तीसगढ़ को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छत्तीसगढ़ वरिष्ठ नागरिकों की हत्या मामले में पहले नंबर पर है.

NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष और उससे अधिक आयु) के विरुद्ध अपराध दर के मामले में राज्य 89.7 (1,798) के साथ देश में चौथे स्थान पर रहा. भारत में 2023 में वरिष्ठ नागरिकों के विरुद्ध अपराध के 27,886 मामले दर्ज किए गए, जो 2022 में 28,545 मामलों से कुछ कम है. अपराध दर की गणना प्रति एक लाख जनसंख्या पर अपराधों के आधार पर की जाती है. छत्तीसगढ़ की अनुमानित जनसंख्या लगभग 3.03 करोड़ है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिकों की हत्या की सबसे ज्यादा दर छत्तीसगढ़ (3.6) में दर्ज की गई, उसके बाद अरुणाचल प्रदेश (3.1) और मध्य प्रदेश, तमिलनाडु (2.7) का स्थान है, जबकि राष्ट्रीय औसत 1.2 है.

NCRB के चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने
साल 2023 में छत्तीसगढ़ में हत्या के 72 मामलों (हर महीने छह घटनाएं) में 73 वरिष्ठ नागरिकों की मौत हुई है, जबकि अरुणाचल प्रदेश में दो मामलों में दो हत्याएं, मध्य प्रदेश में 155 घटनाओं में 156 हत्याएं और तमिलनाडु में 201 घटनाओं में 211 मौतें दर्ज की गई हैं. दिल्ली 1,361 मामलों और प्रति एक लाख बुजुर्ग आबादी पर 118.6 की उच्चतम अपराध दर के साथ शीर्ष स्थान पर रहा, इसके बाद मध्य प्रदेश (100.4), चंडीगढ़ (99.9) और छत्तीसगढ़ (89.7) का स्थान रहा.

NCRB के आंकड़ों ने छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि को भी उजागर किया, जहां 2021 में 1,408 मामले, 2022 में 1,632 और 2023 में 1,798 मामले दर्ज किए गए.

छत्तीसगढ़ में 2023 में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों में 2,307 पुरुषों और 214 महिलाओं सहित 2,521 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2,457 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों के मामलों में 235 लोगों को दोषी ठहराया गया, 45 को बरी कर दिया गया और 392 को बरी कर दिया गया. 2023 में, छत्तीसगढ़ में ऐसे अपराधों के 1,520 मामलों की सुनवाई हुई, जबकि पिछले वर्ष के 5,032 मामले लंबित हैं.



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