इंदौर. मध्यप्रदेश के इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) की रैगिंग निरोधक समिति की जांच में खुलासा हुआ है कि पांच वरिष्ठ छात्रों ने कथित तौर पर नेपाल की ‘जेन जेड’ की तरह सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने की साजिश के तहत अपने कनिष्ठ छात्रों को जीमेल और ‘एक्स’ पर फर्जी खाते खोलने के लिए मजबूर किया था. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया,”डीएवीवी के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के प्रशासनिक अधिकारी ने कनिष्ठ छात्रों की रैगिंग और उन्हें धमकाने को लेकर भंवरकुआं पुलिस थाने में पांच वरिष्ठ छात्रों के खिलाफ शिकायत की है. यह शिकायत रैगिंग निरोधक समिति की सिफारिश के आधार पर की गई है.” उन्होंने पुष्टि की कि शिकायत में रैगिंग निरोधक समिति की जांच रिपोर्ट के हवाले से इशारा किया गया है कि डीएवीवी के कुछ वरिष्ठ छात्र नेपाल की ‘जेन जेड’ की तरह सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करने की तैयारी कर रहे थे.

दंडोतिया ने कहा, ”हमें अभी पता नहीं है कि शिकायत में नेपाल के ‘जेन जेड आंदोलन’ का जिक्र किस आधार पर किया गया है. हम इस बारे में डीएवीवी की रैगिंग निरोधक समिति के सदस्यों से पूछताछ करेंगे और उनसे दस्तावेज मांगेंगे. इसके बाद उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे.” अधिकारियों के मुताबिक डीएवीवी की रैगिंग निरोधक समिति की रिपोर्ट बताती है कि वरिष्ठ छात्रों ने कनिष्ठ छात्रों पर कथित रूप से अनुचित दबाव बनाकर उन्हें जीमेल और ‘एक्स’ पर फर्जी खाते खोलने के लिए मजबूर किया था.

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ छात्रों ने कनिष्ठ छात्रों से कथित रूप से कहा था कि वे इन खातों का इस्तेमाल उनके भेजे संदेशों और संबंधित हैशटैग को प्रसारित करने के लिए करेंगे. अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ छात्रों ने ये निर्देश नहीं मानने पर कनिष्ठ छात्रों को ‘बैच आउट ‘(छात्रों द्वारा संस्थान के अन्य विद्यार्थियों का बहिष्कार) की धमकी भी दी थी.

डीएवीवी के कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने कहा,”आईईटी के कुछ वरिष्ठ छात्रों ने 40-50 कनिष्ठ छात्रों को इस संस्थान के परिसर के बाहर एक रेस्तरां में बुलाया था और उन्हें जीमेल और एक्स पर फर्जी खाते बनाकर उनके भेजे संदेशों को प्रसारित करने के अनुचित निर्देश दिए थे.” नेपाल के ‘जेन जेड आंदोलन’ की तरह डीएवीवी के खिलाफ सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने की कथित साजिश पर कुलगुरु ने कहा कि कुछ छात्रों ने मौखिक तौर पर इस तरह के आंदोलन की तैयारी का जिक्र जरूर किया है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही इस सिलसिले में किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है.

उन्होंने बताया कि डीएवीवी ने घटना से जुड़े वरिष्ठ छात्रों के खिलाफ बीते दिनों रैगिंग के एक मामले में अनुशानात्मक कार्रवाई की थी और लगता है कि इसकी खुन्नस में उन्होंने कनिष्ठ छात्रों पर बेजा दबाव बनाकर विश्वविद्यालय के खिलाफ अनुचित गतिविधियां शुरू करने की कोशिश की. जेन जेड का इस्तेमाल-जनरेशन जेड यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मी पी­ढ़ी के लिए किया जाता है.

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