राष्ट्रवाणी: नितिन नामदेव, रायपुर। कांग्रेस के नवनियुक्त छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव भगत ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग को सरकारी विभाग बना दिया है. केंद्र सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए. य़ह भी पढ़ें : पॉवर सेंटर : घायल शेरनी… बिसात… राजनीतिक थर्मामीटर… फंड… ई-ऑफिस रिजल्ट… – आशीष तिवारी नियुक्ति के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ पहुंचे सुखदेव भगत ने कांग्रेस के प्रदेश के आला नेताओं की मौजूदगी में पत्रकारों से रू-ब-रू हुए. ‘जय जोहार!
छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ के नारे के साथ पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार से मेरा एक सवाल है, सबले बढ़िया औसत क्यों दिखता है छत्तीसगढ़ में. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आदिवासी हैं. मगर उनकी आत्मा कॉर्पोरेट घराने की है. उन्होंने कहा कि 2028 में कांग्रेस का सत्ता हासिल करना ही लक्ष्य नहीं है, हम गांधीवादी विचारधारा के साथ शासन में आना चाहते हैं, इसलिए हमने कहा कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया. प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं एक पेड़ मां के नाम, बाकी जंगल अदाणी के नाम. खनिज के लिए छत्तीसगढ़ जाना जाता है, तो क्या उसका विस्थापन कर देंगे. क्या स्थानीय लोगों के विकास के नाम पर विनाश करना चाहते हैं. कांग्रेस पार्टी विकास विरोधी नहीं है. भगत ने कहा कि प्रदेश में लॉ पूरी तरह से डिसऑर्डर में है. रेत खनन में कमीशनखोरी चल रही है. जंगल, जमीन हमारी है तो छत्तीसगढ़ के लोगों विस्थापन क्यों मिल रहा है. जंगल के साथ लोगों का सिंबोलिक रिलेशन है. राज्य सरकार लोगों की जड़ों को काट कर रही है. कांग्रेस पार्टी विकास के खिलाफ नहीं है. एसआईआर और चुनाव आयुक्तों में मतभेद को लेकर भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सुखदेव भगत ने कहा कि चोर-चोर मौसेरे भाई वाली बात हो रही है. चुनाव आयोग से प्रश्न राहुल गांधी करते हैं, और जवाब भारतीय जनता पार्टी से आता है. राहुल गांधी देश के लिए उम्मीद का केंद्र बने हुए हैं. लोकतंत्र का चीरहरण हो रहा है.
