खेल के मैदान को सियासत और अपनी घटिया हरकतों का अखाड़ा बनाने वालों को अब सबक मिलना तय है! विमेंस एशिया कप 2026 के दौरान भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ हाथ न मिलाकर नीचता दिखाने वाली बांग्लादेशी कप्तान निगार सुल्ताना अब चौतरफा घिर चुकी हैं। इस विवादित हरकत से जब पूरे क्रिकेट जगत में थू-थू हुई, तो बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अपनी इज्जत बचाने के लिए सुल्ताना को बीच मजधार में अकेला छोड़ दिया है। 13 सितंबर की सुबह से ही यह खबर गूगल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया पर आग की तरह सुलग रही है।

मैदान पर क्रिकेट खेलने उतरीं बांग्लादेशी कप्तान निगार सुल्ताना ने खेल भावना को तार-तार करते हुए भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर से हाथ मिलाने से सरेआम इनकार कर दिया था। इस नफरती रवैये के बाद भारतीय फैंस और क्रिकेट दिग्गजों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। विवाद इतना गंभीर रूप ले चुका है कि भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज के सपने देख रहे बांग्लादेशी बोर्ड के पसीने छूट गए हैं।

रविवार 13 सितंबर की सुबह बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आखिरकार इस मुद्दे पर अपनी जुबान खोली, लेकिन जिस तरह से उन्होंने निगार सुल्ताना को किनारे किया है, उसने इस विवाद में घी डालने का काम किया है। बीसीबी महिला समिति के अध्यक्ष रफीकुल इस्लाम बाबू ने साफ लहजे में कह दिया कि हरमनप्रीत कौर से हाथ न मिलाने का घटिया फैसला पूरी तरह से निगार सुल्ताना का निजी था, इसमें बोर्ड की कोई रजामंदी नहीं थी। बीसीबी ने यह भी साफ कर दिया कि वे बीसीसीआई (BCCI) के साथ अपने रिश्तों में खटास नहीं आने दे सकते।

इस शर्मनाक हरकत की कीमत अब निगार सुल्ताना को अपनी कप्तानी गंवाकर चुकानी पड़ सकती है। बीसीबी ने संकेत दिए हैं कि एशियन गेम्स 2026 के बाद उनकी कप्तानी और अनुशासनहीन व्यवहार पर गाज गिरना तय है। क्रिकेट फैंस सरेआम सुल्ताना पर बैन लगाने और ऐसे आक्रामक-अहंकारी रवैये पर कड़ा रुख अपनाने की मांग कर रहे हैं।

मैदान पर घटिया पैंतरेबाज़ी करके सुर्खियां बटोरने का सुल्ताना का दांव अब पूरी तरह उल्टा पड़ चुका है। बीसीबी के पल्ला झाड़ने के बाद यह साफ है कि खेल भावना से खिलवाड़ करने वाले खिलाड़ियों की जगह भारतीय क्रिकेट टीम के सामने या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बिल्कुल नहीं है। अब देखना होगा कि एशियन गेम्स के बाद इस विवादित कप्तान का करियर किस मोड़ पर जाकर खत्म होता है।



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