पेशावर. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत ने बुधवार को कहा कि उसने उन 42 शिविरों को बंद कर दिया है जिनमें 40 से अधिक वर्षों से अफगान शरणार्थी रह रहे थे. अफगानिस्तान पर 1979 में सोवियत आक्रमण के बाद लाखों अफगान शरणार्थी पाकिस्तान में चले गए. खैबर पख्तूनख्वा, एक सीमावर्ती प्रांत होने के नाते दशकों तक इन शरणार्थियों को शरण देता रहा.

अधिकारियों का कहना है कि लगभग 45 साल पुराने शरणार्थी शिविरों को बंद करने का उद्देश्य प्रांत में शरणार्थियों के निवास और पंजीकरण की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना और अवैध और अनियमित रूप से रह रहे लोगों को हटाना है. आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि शिविरों को बंद करने की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की गई. पहले चरण में पांच शरणार्थी शिविर बंद किए गए, जबकि प्रांत भर में स्थित शेष 37 शिविरों को मंगलवार को दूसरे चरण में बंद कर दिया गया. सूत्रों के अनुसार, प्रांतीय सरकार ने नवीनतम घटनाक्रमों के बारे में संघीय सरकार को विधिवत सूचित कर दिया है.

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