इस्लामाबाद. अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के ताजा आकलन के मुताबिक मुश्किलों में घिरी पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था ने अल्पकालिक स्थिरता हासिल कर ली है, लेकिन वह अब भी भारी कर्ज, कमजोर निवेश और रोजगार वृद्धि की सुस्ती के बोझ से दबी हुई है. समाचारपत्र ‘डॉन’ में बुधवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईएमएफ का यह आकलन मंगलवार को उस वक्त जारी किए गए, जब पाकिस्तान को करीब 1.2 अरब डॉलर की नई किस्त जारी करने की घोषणा की गई.

इसके मुताबिक, पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि 2025-26 में 3.2 प्रतिशत तक पहुंच सकती है जो पिछले वित्त वर्ष में 2.6 प्रतिशत थी. यह रफ्तार देश की 24.05 करोड़ आबादी की जनसंख्या वृद्धि दर के बराबर ही है. पाकिस्तान की 1,677 डॉलर प्रति व्यक्ति आय के साथ, यह रुझान सुधार की तुलना में आर्थिक ठहराव की ओर अधिक संकेत करता है.

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की जनसंख्या भी तेज गति से बढ़ती जा रही है. वर्ष 2025 के मध्य के आधिकारिक अनुमान 2.55 प्रतिशत की वृद्धि दर दिखाते हैं. वित्त वर्ष 2023-24 में 23.4 प्रतिशत की तेज मुद्रास्फीति के मुकाबले यह 2024-25 में घटकर 4.5 प्रतिशत पर आ गई. वित्त वर्ष 2025-26 में इसके 6.3 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है.

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