बिजनौर/कुशीनगर. बिजनौर जिला मुख्यालय की कोतवाली पुलिस ने एक व्यक्ति को अपनी धार्मिक पहचान छिपाने, झूठे नाम बताकर एक महिला से शादी करने और फिर उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी.

अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संजीव वाजपेयी ने बताया कि महिला ने इस संबंध में शनिवार को बिजनौर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई जिसमें कहा कि उसके पति की नौ साल पहले मृत्यु हो गया थी. शिकायत में आरोप लगाया कि इसके बाद उसकी एक व्यक्ति से मुलाकात हुई जिसने अपना नाम रवि बताया और दोनों ने शादी कर ली. इसमें कहा गया कि बच्चे होने के बाद उसे पता चला कि रवि का असली नाम नसीम है.

वाजपेयी ने कहा, ”पीड़िता का आरोप है कि नसीम ने घर बनाने के बहाने उसकी जमा-पूंजी हड़प ली और उसे धर्म परिवर्तन के लिए भी मजबूर किया.” पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत के बाद, नसीम के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 सहित कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है.

कुशीनगर में युवती का धर्म परिवर्तन कराने के आठ आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक युवती को लालच देकर उसका धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में पुलिस ने दो महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने रविवार को बताया कि तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के महुआ बुजुर्ग गांव के सुनील वर्मा ने पडरौना कोतवाली में दी गयी शिकायत में आरोप लगाया था कि लालच देकर धर्मांतरण कराने वाले एक गिरोह के सदस्य उसकी 19 वर्षीय बेटी को अमृतसर से कुशीनगर लाये और प्रलोभन देकर उसका धर्म परिवर्तन करा लिया. उसके बाद उसका अपहरण कर लिया.

उन्होंने बताया कि वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी की कोशिश शुरू की थी. शनिवार देर रात पुलिस, साइबर प्रकोष्ठ और स्वाट की संयुक्त टीम ने कथित पीड़िता को सकुशल मुक्त कराते हुए दो महिलाओं समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया.

मिश्रा के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो हिन्दू युवतियों को निशाना बनाता है. इस प्रकरण में भी इस युवती पर उनकी कई वर्षों से नजर थी और बहला-फुसलाकर एवं प्रलोभन देकर उसका धर्म परिर्वितत करा दिया.
उन्होंने बताया कि गिरोह का सरगना तौफीक अंसारी पीड़िता के अश्लील वीडियो और धर्म परिवर्तन की रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल परिजनों को ब्लैकमेल करने के लिए करता था. महिला अभियुक्तों कैसर जहां और फातिमा ने पीड़िता को इस्लामिक सामग्री दिखाकर उसे बरगलाने में मदद की. घटना में शामिल गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गये अभियुक्तों में तौफीक अंसारी और कैसर जहां तथा फातिमा के अलावा आशिक अंसारी, इम्तियाज, साहब अंसारी, जीशान क.मर और मजहर शामिल हैं. उनके पास दो आधार कार्ड, 11 सिम कार्ड और नौ मोबाइल फोन बरामद किये गये हैं.

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